crime
हापुड़ में 30 स्कूल वाहन बिना फिटनेस दौड़ रहे:डीएम ने जताई नाराजगी, ई-रिक्शा-वैन से बच्चों को भेजने पर रोक
हापुड़ में बच्चों की सुरक्षा को लेकर बुधवार को जनपदस्तरीय सड़क सुरक्षा समिति और जिला विद्यालय यान सुरक्षा समिति की बैठक हुई। डीएम कविता मीना की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में सामने आया कि जिले में 30 स्कूली वाहन बिना फिटनेस के संचालित हो रहे हैं। इस पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी जताते हुए संबंधित अधिकारियों और स्कूल प्रबंधन को तत्काल वाहनों के दस्तावेज दुरुस्त कराने के निर्देश दिए। अनफिट वाहनों पर होगी कार्रवाई डीएम कविता मीना ने स्पष्ट किया कि बच्चों के परिवहन में सुरक्षा मानकों से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने ‘मिशन सेफ फ्यूचर 2.0’ अभियान के तहत सभी संबंधित विभागों को समन्वय बनाकर अनफिट वाहनों के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए। डीआईओएस डॉ. श्वेता पुठिया और बीएसए दीपा भाटी को ऐसे विद्यालयों का भौतिक निरीक्षण करने के निर्देश भी दिए गए। स्कूल प्रबंधन को बच्चों के परिवहन से जुड़े सभी सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने को कहा गया। ई-रिक्शा और वैन से बच्चों को भेजने पर रोक बैठक में स्कूलों में बच्चों को ई-रिक्शा और वैन से लाने-ले जाने का मुद्दा भी उठा। स्कूल प्रतिनिधियों को निर्देश दिए गए कि अभिभावकों को ऐसे वाहनों से बच्चों को स्कूल भेजने से रोकने के लिए जागरूक करें। साथ ही विद्यालय से संबद्ध और निर्धारित वाहनों का ही इस्तेमाल सुनिश्चित किया जाए। डीएम ने कहा कि बच्चों की सुरक्षा की पूरी जिम्मेदारी स्कूल प्रबंधन की होगी और इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। ओवरस्पीड रोकने के लिए लगेंगे कैमरे सड़क सुरक्षा के अन्य पहलुओं पर भी बैठक में चर्चा हुई। छिजारसी टोल के दोनों कट पर जाम की समस्या को दूर करने के लिए हाईट बैरियर लगाने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों ने बताया कि जिले में सबसे अधिक सड़क दुर्घटनाएं ओवरस्पीड के कारण हो रही हैं। इसे नियंत्रित करने के लिए एनएचएआई के मुरादाबाद और गाजियाबाद खंड को ओवरस्पीड कैमरे लगाने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा ब्लैक स्पॉट पर किए गए अल्पकालिक और दीर्घकालिक कार्यों का दोबारा निरीक्षण कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा गया। दुर्घटना की स्थिति में एंबुलेंस और क्रेन के समय पर पहुंचने की व्यवस्था की भी जांच के निर्देश दिए गए, ताकि आपातकालीन सेवाओं की तत्परता सुनिश्चित की जा सके।
Read full article on Bhaskar