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फैक्ट्री श्रमिक की मौत के बाद हंगामा:हादसे में घायल श्रमिक ने तोड़ा दम, मुआवजे की मांग को लेकर परिजन पहुंचे
उन्नाव में दही थाना क्षेत्र के औद्योगिक इलाके में सड़क हादसे में घायल फैक्ट्री श्रमिक की बुधवार सुबह कानपुर के हैलट अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। मौत की जानकारी मिलने के बाद परिजन आर्थिक मदद और मुआवजे की मांग को लेकर बुधवार शाम करीब 6:30 बजे स्लाटर हाउस के बाहर पहुंच गए और हंगामा किया। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जानकारी ली। सदर कोतवाली क्षेत्र के रामनगर निवासी मोहम्मद रफीक (45) पुत्र अहमद हसन करीब 15 साल से दही थाना क्षेत्र के औद्योगिक इलाके में बने स्लाटर हाउस में काम कर रहे थे। परिजनों के मुताबिक, सोमवार को वह रोज की तरह काम करने गए थे। साइकिल से खाना खाने निकले थे, बाइक ने मारी टक्कर परिजनों ने बताया कि सोमवार दोपहर रफीक साइकिल से खाना खाने फैक्ट्री से बाहर निकले थे। कानपुर-लखनऊ हाईवे पर पहुंचते ही अज्ञात बाइक सवार ने उनकी साइकिल में टक्कर मार दी। हादसे में रफीक गंभीर रूप से घायल हो गए। जिला अस्पताल से हैलट रेफर किया गया हादसे की जानकारी मिलने पर स्लाटर हाउस के कर्मचारियों ने रफीक को जिला अस्पताल में भर्ती कराया। हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने उन्हें कानपुर के हैलट अस्पताल रेफर कर दिया। वहां इलाज के दौरान बुधवार सुबह करीब 9 बजे उनकी मौत हो गई। हैलट में पोस्टमार्टम कराया गया। मुआवजे की मांग को लेकर परिजनों ने किया हंगामा रफीक की मौत की खबर मिलते ही परिवार में मातम छा गया। परिजनों का कहना है कि वह करीब 15 साल से स्लाटर हाउस में काम कर रहे थे, इसलिए फैक्ट्री प्रबंधन से आर्थिक मदद और मुआवजे की मांग की गई। बुधवार शाम परिजन स्लाटर हाउस के बाहर पहुंचे और अपनी मांग को लेकर हंगामा करने लगे। प्रबंधन बोला- ठेकेदार के अंदर काम करते थे स्लाटर हाउस प्रबंधन ने हादसे की जानकारी होने से इनकार किया। प्रबंधन के मुताबिक, रफीक ठेकेदार के अधीन काम करते थे। प्रबंधन को उनके साथ हुए हादसे की कोई जानकारी नहीं थी। शिकायत मिलने पर कार्रवाई करेगी पुलिस दही थाना प्रभारी ज्ञानेंद्र सिंह ने बताया कि थाने में अभी तक घटना को लेकर कोई शिकायत नहीं मिली है। शिकायत मिलने पर उसके आधार पर केस दर्ज कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
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