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छतरपुर में नाबालिग से रेप, आरोपी को 20साल की सजा:शादी का झांसा देकर दिल्ली ले गया था, 11 गवाहों से साबित हुआ अपराध
छतरपुर विशेष न्यायालय पॉक्सो एक्ट ने नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में आरोपी बृजगोपाल उर्फ हल्के कुशवाहा (24) को दोषी ठहराते हुए 20 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट कविता वर्मा की अदालत ने सोमवार, 24 अगस्त 2026 को फैसला सुनाया। अदालत ने पीड़िता को प्रतिकर के रूप में एक लाख रुपए दिए जाने की अनुशंसा भी की है। शादी का झांसा देकर दिल्ली ले गया था आरोपी मामला गढ़ीमलहरा थाना क्षेत्र का है। पीड़िता के पिता ने 18 नवंबर 2023 को अपनी नाबालिग बेटी के लापता होने की रिपोर्ट थाने में दर्ज कराई थी। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की और जांच के दौरान पीड़िता को दिल्ली से बरामद किया। बयान में पीड़िता ने बताई पूरी घटना पुलिस उप निरीक्षक नेहा सिंह ने पीड़िता के बयान दर्ज किए। बयान में पीड़िता ने बताया कि आरोपी उसे शादी का झांसा देकर अपने साथ दिल्ली ले गया था। वहां आरोपी ने उसके साथ कई बार दुष्कर्म किया। इसके बाद पुलिस ने उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आरोपी के खिलाफ चालान तैयार कर न्यायालय में पेश किया। अलग-अलग धाराओं में सुनाई सजा अभियोजन पक्ष की ओर से विशेष लोक अभियोजक पॉक्सो एक्ट नर्मदांजलि दुबे ने मामले में पैरवी की। अदालत ने आरोपी को भारतीय दंड संहिता की धारा 363 के तहत 5 वर्ष के सश्रम कारावास और 1 हजार रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई। वहीं धारा 366 के तहत 7 वर्ष के सश्रम कारावास और 2 हजार रुपए अर्थदंड से दंडित किया। पॉक्सो एक्ट में 20 साल का कारावास अदालत ने पॉक्सो एक्ट की धारा 5(एल) सहपठित धारा 6 के तहत आरोपी को 20 वर्ष के सश्रम कारावास और 3 हजार रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई। इसके साथ ही पीड़िता को प्रतिकर के रूप में एक लाख रुपए दिए जाने की अनुशंसा की गई है। 11 गवाह और 36 दस्तावेजी साक्ष्य पेश किए मामले की विवेचना निरीक्षक धर्मेंद्र कुमार और उप निरीक्षक नेहा सिंह गुर्जर ने की थी। विचारण के दौरान अभियोजन पक्ष ने न्यायालय में 11 गवाहों के बयान दर्ज कराए। इसके अलावा 36 दस्तावेजी साक्ष्य भी प्रस्तुत कर प्रमाणित कराए गए। साक्ष्यों और अंतिम तर्कों के आधार पर फैसला अदालत ने मौखिक और दस्तावेजी साक्ष्यों के साथ अभियोजन पक्ष की ओर से प्रस्तुत अंतिम तर्कों पर विचार किया। साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को दोषी मानते हुए अदालत ने 20 वर्ष के सश्रम कारावास सहित अलग-अलग धाराओं में सजा सुनाई।
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