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छत्तीसगढ़ में सरकारी नौकरी के नियम बदले, आवेदन के समय ही तय करनी होगी पोस्ट और विभाग की पसंद

📰 Inh News 🕐 1 min read 📅 August 10, 2026 👁 6 views
छत्तीसगढ़ में सरकारी नौकरी के नियम बदले, आवेदन के समय ही तय करनी होगी पोस्ट और विभाग की पसंद
रायपुर। छत्तीसगढ़ में तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के सरकारी पदों पर भर्ती की प्रक्रिया अब नए नियमों के तहत होगी। सामान्य प्रशासन विभाग ने कर्मचारी चयन मंडल नियम, 2026 जारी कर दिए हैं। नए नियमों में आवेदन से लेकर अंतिम नियुक्ति तक की प्रक्रिया, अभ्यर्थियों की पद प्राथमिकता, कौशल एवं शारीरिक दक्षता परीक्षा और नियुक्ति की समयसीमा को स्पष्ट किया गया है। नई व्यवस्था में सबसे महत्वपूर्ण बदलाव यह है कि अभ्यर्थी को आवेदन के दौरान ही पद और विभाग की प्राथमिकता तय करनी होगी। आवेदन जमा होने के बाद प्राथमिकता में किसी तरह का बदलाव नहीं किया जा सकेगा। इसके अलावा अंतिम चयन के बाद वेटिंग लिस्ट या रिजर्व सूची जारी नहीं की जाएगी। आवेदन से पहले करना होगा प्रोफाइल रजिस्ट्रेशन तृतीय और चतुर्थ श्रेणी की सरकारी भर्ती में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों को आवेदन से पहले कर्मचारी चयन मंडल की वेबसाइट पर अपना प्रोफाइल रजिस्ट्रेशन करना होगा। इसके लिए आधार प्रमाणीकरण की प्रक्रिया पूरी करनी होगी। आवेदन के दौरान अभ्यर्थी को उपलब्ध पदों, विभाग और नियुक्तिकर्ता प्राधिकारी के आधार पर अपनी पसंद का क्रम दर्ज करना होगा। बाद में इस प्राथमिकता सूची में संशोधन की अनुमति नहीं होगी। अभ्यर्थी का चयन उन्हीं पदों के लिए किया जाएगा, जिन्हें उसने अपनी प्राथमिकता सूची में शामिल किया है। जितने पद, उतना ही अंतिम चयन नई भर्ती व्यवस्था में अंतिम चयन विज्ञापित रिक्तियों की संख्या के अनुसार ही होगा। यानी जितने पदों के लिए भर्ती निकाली गई है, अंतिम आबंटन सूची में भी उतने ही अभ्यर्थियों को स्थान मिलेगा। सूची-ब तैयार करते समय लिखित परीक्षा के प्राप्तांक, अभ्यर्थी की पद प्राथमिकता और आरक्षण नियमों को ध्यान में रखा जाएगा। सबसे अहम बात यह है कि अंतिम सूची जारी होने के बाद प्रतीक्षा सूची, परोक्ष सूची या रिजर्व सूची नहीं बनाई जाएगी। कौशल और शारीरिक परीक्षा के लिए 15 गुना अभ्यर्थी जिन सरकारी पदों पर लिखित परीक्षा के बाद कौशल परीक्षा या शारीरिक दक्षता परीक्षा अनिवार्य होगी, उनमें लिखित परीक्षा के आधार पर रिक्तियों के 15 गुना तक अभ्यर्थियों को अगले चरण के लिए चुना जाएगा। इन अभ्यर्थियों की सूची को सूची-अ कहा जाएगा। इसके बाद संबंधित विभाग कौशल या शारीरिक दक्षता परीक्षा आयोजित करेगा। यह परीक्षा केवल अर्हकारी यानी क्वालिफाइंग होगी। इसका उद्देश्य अभ्यर्थी की निर्धारित दक्षता या शारीरिक मापदंडों को पूरा करने की क्षमता जांचना होगा। तीन महीने में पूरी करनी होगी दक्षता परीक्षा नए नियमों के अनुसार संबंधित विभाग को कौशल या शारीरिक दक्षता परीक्षा तीन महीने के भीतर पूरी करनी होगी। जो अभ्यर्थी इस परीक्षा में शामिल नहीं होगा, उसकी अभ्यर्थिता स्वतः समाप्त मानी जाएगी। परीक्षा के बाद विभाग पात्र और अपात्र अभ्यर्थियों की सूची कर्मचारी चयन मंडल को उपलब्ध कराएगा। इसी आधार पर अंतिम परिणाम और आबंटन सूची तैयार होगी। हर साल अगस्त में जारी होगा परीक्षा कैलेंडर कर्मचारी चयन मंडल हर साल अगस्त महीने में तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के पदों की संभावित रिक्तियों के आधार पर परीक्षा कैलेंडर जारी करेगा। इसके साथ ही राज्य में आयोजित होने वाली अनिवार्य शैक्षणिक, व्यावसायिक प्रवेश और पात्रता परीक्षाओं का संभावित कैलेंडर भी अगस्त में जारी किया जाएगा। भर्ती परीक्षाओं में अनुचित साधनों को रोकने के लिए वर्ष 2026 में बनाए गए संबंधित कानून और कर्मचारी चयन मंडल के नियम भी लागू होंगे। दस्तावेज अपलोड करने के लिए मिलेंगे सिर्फ 15 दिन अंतिम चयन सूची में शामिल अभ्यर्थियों को 15 दिनों के भीतर आधार प्रमाणीकरण पूरा कर आवश्यक दस्तावेज ऑनलाइन अपलोड करने होंगे। निर्धारित समय में प्रक्रिया पूरी नहीं करने पर अभ्यर्थिता निरस्त की जा सकती है। इसके बाद संबंधित विभाग दस्तावेजों का भौतिक सत्यापन करेगा। यदि किसी दस्तावेज में गलती या आपत्ति सामने आती है, तो अभ्यर्थी को इसकी जानकारी दी जाएगी। अभ्यर्थी को सात दिनों के भीतर ऑनलाइन दावा-आपत्ति प्रस्तुत करने का अवसर मिलेगा। विभाग को इस आपत्ति का निराकरण 15 दिनों के भीतर कारणयुक्त आदेश के साथ करना होगा। सूची जारी होने के एक महीने में नियुक्ति प्रक्रिया सूची-ब जारी होने के बाद संबंधित विभाग को दस्तावेज सत्यापन और नियुक्ति पत्र जारी करने की प्रक्रिया एक महीने के भीतर पूरी करनी होगी। दस्तावेज सत्यापन पूरा होने के बाद नियुक्ति पत्र जारी करने के लिए विभाग को 10 दिन की समयसीमा दी गई है। नियुक्ति पत्र मिलने के बाद अभ्यर्थी को 30 दिनों के भीतर मूल दस्तावेजों के साथ संबंधित कार्यालय में उपस्थित होकर कार्यभार ग्रहण करना होगा। समय पर ज्वाइन नहीं किया तो पद माना जाएगा रिक्त यदि चयनित अभ्यर्थी नियुक्ति पत्र जारी होने के 30 दिनों के भीतर कार्यालय में उपस्थित होकर कार्यभार ग्रहण नहीं करता है, तो संबंधित पद को रिक्त माना जाएगा। इसके अलावा यदि कोई अभ्यर्थी आबंटित पद के लिए निर्धारित शैक्षणिक, तकनीकी या अन्य पात्रता पूरी नहीं करता पाया जाता है, तो उसे नियुक्ति नहीं दी जाएगी। ऐसे अभ्यर्थी को उसी भर्ती परीक्षा के आधार पर किसी दूसरे पद पर भी स्थानांतरित नहीं किया जाएगा और उसकी अभ्यर्थिता समाप्त हो जाएगी। नई भर्ती व्यवस्था में अभ्यर्थियों के लिए क्या बदलेगा? छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल के नए नियमों का सीधा असर भर्ती प्रक्रिया में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों पर पड़ेगा। अब आवेदन करते समय पद और विभाग की प्राथमिकता सोच-समझकर भरनी होगी, क्योंकि बाद में इसमें बदलाव का विकल्प नहीं रहेगा। वहीं सरकार की ओर से निर्धारित समयसीमा के कारण भर्ती प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित और समयबद्ध बनाने की कोशिश की गई है। अंतिम चयन के बाद वेटिंग या रिजर्व सूची नहीं होने से अभ्यर्थियों के लिए उपलब्ध पदों की संख्या और चयन की स्थिति पहले से अधिक स्पष्ट रहेगी।
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