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बेतिया में गर्भवती की मौत के बाद हंगामा:क्लीनिक पर परिजनों ने लगाया लापरवाही का आरोप, बॉडी रखकर रोड जाम
पश्चिम चंपारण जिले के नरकटियागंज में एक कथित झोलाछाप डॉक्टर के क्लीनिक में इलाज के दौरान 30 साल की गर्भवती महिला की मौत हो गई। इस घटना के बाद परिजनों ने क्लीनिक के बाहर शव रखकर जमकर हंगामा किया। मृतका की पहचान इनरवा थाना क्षेत्र के घोड़पकड़ी गांव निवासी रेयाज अंसारी की पत्नी शालमा खातून के रूप में हुई है। परिजनों ने आरोप लगाया है कि कथित डॉक्टर ने इलाज में गंभीर लापरवाही बरती और गलत तरीके से ऑपरेशन किया। इलाज के दौरान महिला की मौत परिजनों ने बताया कि शालमा खातून करीब पांच महीने की गर्भवती थी। किसी वजह से गर्भ में ही बच्चे की मौत हो गई थी। इसके बाद कथित डॉक्टर ने परिजनों को समझाकर महिला को अपने क्लीनिक बुलाया। आरोप है कि क्लीनिक में महिला का ऑपरेशन किया गया। ऑपरेशन के बाद उसकी तबीयत अचानक बिगड़ गई और इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। परिजनों का यह भी आरोप है कि महिला की हालत गंभीर होने के बावजूद उसे समय पर सही इलाज नहीं मिला। डायल-112 की पुलिस टीम मौके पर पहुंची आरोप है कि महिला की मौत के बाद कथित डॉक्टर ने इलाज से जुड़ी पर्ची भी अपने पास रख ली और मरीज को रेफर करने की बात कही। इसी दौरान परिजनों को महिला की मौत की खबर मिली। इसके बाद वे गुस्से में आ गए और शव को क्लीनिक के बाहर रखकर हंगामा करने लगे। उन्होंने मामले की जांच कर दोषी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। घटना की जानकारी मिलते ही डायल-112 की पुलिस टीम मौके पर पहुंची। क्लीनिक से संबंधित कोई बोर्ड नहीं था प्रदर्शित पुलिस ने गुस्से में आए परिजनों को समझाने की कोशिश की और हालात को काबू में करने का प्रयास किया। घटना के बाद क्लीनिक के आसपास लोगों की भीड़ जमा हो गई। परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि जिस क्लीनिक में महिला का इलाज किया जा रहा था, वहां चिकित्सक की स्पष्ट पहचान अथवा क्लीनिक से संबंधित कोई बोर्ड प्रदर्शित नहीं था। उनका कहना है कि अनुमंडलीय अस्पताल से कुछ ही दूरी पर कथित रूप से यह क्लीनिक संचालित किया जा रहा था। फिलहाल परिजनों की ओर से लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। मामले में पुलिस जांच और स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई के बाद ही घटना की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
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