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बुलंदशहर में हत्या के दोषी को आजीवन कारावास,:50 हजार जुर्माना लगा, हाथरस का रहने वाला है आरोपी
उत्तर प्रदेश पुलिस महानिदेशक द्वारा चलाए जा रहे अभियान "ऑपरेशन कन्विक्शन" के तहत बुलंदशहर पुलिस को एक बड़ी सफलता मिली है। पुलिस और मॉनिटरिंग सैल की प्रभावी पैरवी के चलते न्यायालय (एडीजे-03) ने वर्ष 2015 के एक चर्चित हत्या कांड के अभियुक्त को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास और 50,000 रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। यह मामला वर्ष 2015 का है। आरोपी मुकेश उर्फ छोटू पुत्र शंकरलाल, निवासी हाथरस ने वादी विक्रम सिंह के परिजन लोकेश के गले में गमछा डालकर उसकी हत्या कर दी थी। इस घटना के संबंध में 26 दिसंबर 2015 को थाना शिकारपुर में मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस ने मामले की त्वरित जांच करते हुए 31 जनवरी 2016 को माननीय न्यायालय में चार्जशीट दाखिल कर दिया था। इस अभियोग को "ऑपरेशन कन्विक्शन" अभियान के अंतर्गत चिन्हित किया गया। बुलंदशहर मॉनीटरिंग सैल द्वारा न्यायालय में मजबूती से पैरवी की गई, जिससे मामले में न्याय सुनिश्चित हो सका। सबूतों और गवाहों के आधार पर 12 अगस्त, 2026 को माननीय न्यायाधीश धीरेन्द्र कुमार (एडीजे-03, जनपद बुलंदशहर) ने अभियुक्त मुकेश उर्फ छोटू को दोषी पाते हुए उम्रकैद और 50,000 रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई। इस मामले में अभियोजक राजीव कुमार मलिक, मॉनीटरिंग सैल प्रभारी निरीक्षक पंकज राय, पैरोकार हेड कांस्टेबल जितेन्द्र तथा कोर्ट मोहर्रिर कांस्टेबल विकास पंवार का सराहनीय योगदान रहा। पुलिस की इस तत्परता और प्रभावी पैरवी से पीड़ित परिवार को 11 साल बाद न्याय मिला है।
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