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बांका में श्रमदान से बना पुल नदी में बहा:तेज बहाव में ध्वस्त, तारापुर बाजार का रास्ता बंद होने पर ग्रामीणों का प्रदर्शन
बांका जिले के शंभूगंज प्रखंड के बग्घा गांव के पास बदुआ नदी में ग्रामीणों ने श्रमदान से एक अस्थायी पुल बनाया था। ह्यूम पाइप डालकर बनाए गए इस पुल को नदी के तेज बहाव ने तोड़ दिया। पुल टूटने से बग्घा, बैदपुर और चकरतनी समेत करीब आधा दर्जन गांवों के लोगों के लिए तारापुर बाजार जाने का सीधा रास्ता बंद हो गया है। अब इन ग्रामीणों को तारापुर बाजार पहुंचने के लिए करीब दस किलोमीटर ज्यादा दूरी तय करनी पड़ेगी। पुल टूटने के बाद ग्रामीणों में काफी नाराजगी है। नाराज ग्रामीणों ने शुक्रवार शाम करीब 6:30 बजे प्रदर्शन किया और प्रशासन व जनप्रतिनिधियों के खिलाफ गुस्सा जताया। ग्रामीणों ने बताया कि बग्घा, बैदपुर और चकरतनी जैसे गांवों का प्रखंड मुख्यालय शंभूगंज है। लेकिन इन गांवों के लिए मुंगेर जिले का तारापुर बाजार सबसे नजदीक पड़ता है। तारापुर बाजार तक पहुंचने के लिए बदुआ नदी पर पुल का होना बहुत जरूरी है। ग्रामीणों का कहना है कि वे लंबे समय से पुल बनाने की मांग कर रहे हैं, लेकिन अब तक इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। आखिर में ग्रामीणों ने खुद श्रमदान करके ह्यूम पाइप डालकर यह अस्थायी पुल बनाया था। प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों ने कहा कि आजादी के बाद से ही गांव के लोग इस समस्या का सामना कर रहे हैं। हर चुनाव के समय नेता और जनप्रतिनिधि पुल बनाने का वादा करते हैं। लेकिन चुनाव खत्म होने के बाद कोई इस समस्या पर ध्यान नहीं देता। ग्रामीणों ने बताया कि बार-बार अस्थायी पुल बनाने और उसके टूटने से उन्हें हर साल परेशानी होती है। ग्रामीणों ने साफ कहा कि पानी कम होने के बाद वे फिर श्रमदान से आवागमन शुरू करने की कोशिश करेंगे। लेकिन यह कोई पक्का समाधान नहीं है। हर साल बरसात में पुल टूटने से लोगों का आवागमन रुक जाता है। प्रदर्शन के जरिए ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और राज्य सरकार से बग्घा गांव के पास बदुआ नदी पर जल्द स्थायी पुल बनाने की मांग की है।
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