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बीजेपी नेता बोले- मैंने जो कहा, उस पर अडिग हूं:कन्नौज में कहा- क्या सपा सरकार में ऐसी आजादी मिलती, पुलिस पर धन उगाही का आरोप लगाया था
कन्नौज में भ्रष्टाचार के खिलाफ आयोजित संकल्प सभा में पुलिस की कथित धन उगाही का मुद्दा उठाने वाले वरिष्ठ भाजपा नेता और बार एसोसिएशन अध्यक्ष रामेंद्र त्रिवेदी ने बुधवार को सपा प्रमुख अखिलेश यादव पर पलटवार किया। एक दिन पहले संकल्प सभा में पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए रामेंद्र त्रिवेदी का वीडियो सामने आया था। अखिलेश यादव ने इसी वीडियो को सोशल मीडिया पर पोस्ट कर भाजपा नेताओं और अधिकारियों पर तंज कसा था। संकल्प सभा में पुलिस की कार्यशैली पर उठाए सवाल रोमा स्मारक में समाज कल्याण मंत्री असीम अरुण की ओर से भ्रष्टाचार के खिलाफ संकल्प सभा आयोजित की गई थी। इसमें डीएम आशुतोष मोहन अग्निहोत्री और जिले के पुलिस अधिकारी भी मौजूद थे। सभा के दौरान समाज कल्याण मंत्री नेताओं और कार्यकर्ताओं से पुलिस में भ्रष्टाचार रोकने को लेकर सुझाव मांग रहे थे। इसी दौरान बार एसोसिएशन अध्यक्ष रामेंद्र त्रिवेदी ने माइक संभाला और पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाए। उन्होंने पुलिस चौकियों में धन उगाही किए जाने का दावा करते हुए व्यवस्था में सुधार की मांग की। अखिलेश यादव ने वीडियो पोस्ट कर कसा तंज रामेंद्र त्रिवेदी के बयान का वीडियो सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया। उन्होंने लिखा, “उत्तर प्रदेश की पुलिस और भाजपाई, सालों से मिलकर काटी मलाई। अब जब आई इनकी विदाई, कर रहे हिसाब ये मौसेरे भाई।” अखिलेश यादव की इस टिप्पणी के बाद बुधवार को रामेंद्र त्रिवेदी ने पलटवार किया। बोले- मैंने जो कहा, उस पर अडिग हूं रामेंद्र त्रिवेदी ने कहा कि कन्नौज के सांसद और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने जो पोस्ट किया, वह उनका मन्तव्य है। लेकिन उन्होंने संकल्प सभा में पुलिस की कार्यशैली को लेकर जो बात कही थी, उस पर वह अब भी कायम हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस को समय रहते अपनी कार्यशैली में सुधार करना होगा। अगर ऐसा नहीं हुआ तो समाज के लोग पुलिस की कार्यशैली में सुधार करवाएंगे। अखिलेश से पूछा- क्या सपा सरकार में भी मिलती थी ऐसी आजादी? रामेंद्र त्रिवेदी ने अखिलेश यादव से सवाल किया कि भाजपा सरकार में पार्टी के नेता और कार्यकर्ता खुले मंच पर सरकार और अधिकारियों की खामियां उठा सकते हैं। उन्होंने पूछा कि क्या सपा सरकार के दौरान उनके किसी नेता या कार्यकर्ता को भी इस तरह खुले मंच पर अपनी बात रखने का अधिकार था? उन्होंने कहा कि यदि ऐसा था तो इसके साक्ष्य सामने लाए जाएं।
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