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भोपाल मास्टर प्लान 2047 को तीन सरल पॉइंट में समझिए, कहां विकास होगा और किसको तरसना पड़ेगा
भोपाल समाचार, 26 सितंबर 2026: भोपाल मास्टर प्लान 2047 का प्रकाशन हो चुका है। जनता की सरकार जनता के लिए प्रतिबद्ध है इसलिए जनता से सुझाव और आपत्ति मांगी गई है परंतु समस्या यह कि जब तक जनता मास्टर प्लान को समझेगी नहीं, तब तक कोई सुझाव या आपत्ति कैसे दे सकती है। इसलिए हमने तीन पॉइंट में मास्टर प्लान को समझाया है। इसके आधार पर आप स्वयं समझ जाएंगे की आने वाले सालों में भोपाल में कहां विकास होने वाला है और किस इलाके को, मूलभूत सुविधाओं के लिए भी तरसना पड़ जाएगा। 1. पृष्ठभूमि और दायरा (Overview & Scope) भोपाल का पहला मास्टर प्लान 1991 (वर्ष 1975 में प्रकाशित) और फिर मास्टर प्लान 2005 (9 जून 1995 को प्रकाशित, निवेश क्षेत्र 601.06 वर्ग किमी, 146 ग्राम) लागू हुआ था। यह नया ड्राफ्ट 1016.90 वर्ग किलोमीटर के निवेश क्षेत्र (Investment Area) के लिए तैयार किया गया है। इसमें 254 ग्राम सम्मिलित हैं और यह अनुमानित 45 लाख की जनसंख्या को ध्यान में रखकर बनाया गया है। इसमें भोपाल के प्राकृतिक स्वरूप, रामसर साइट भोजताल (बड़ी झील), राष्ट्रीय उद्यान और बाघ भ्रमण क्षेत्र (Tiger Movement Area) के संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। 2. मास्टर प्लान 2047 के 4 मुख्य स्तंभ (Four Key Pillars) यह योजना चार प्रमुख पिलर्स पर आधारित है: Conservation of Natural Ecosystem: प्राकृतिक पारिस्थितिकी तंत्र का संरक्षण। Reforms Driven: सुधारोन्मुख एवं परिवर्तनकारी नियोजन। Modern Approach & Citizen Friendly: आधुनिक दृष्टिकोण एवं नागरिक-हितैषी नियोजन। Self Sustainable & Economy Booster: आत्मनिर्भर एवं आर्थिक गतिविधियों को प्रोत्साहित करने वाला विकास। 3. मुख्य विशेषताएं एवं प्रमुख प्रावधान (Key Provisions & Highlights) क) पर्यावरण संरक्षण एवं हरित क्षेत्र (Green Area & Ecology) भोजताल और इसके कैचमेंट एरिया, पहाड़ियों, वन क्षेत्रों, जलाशयों और टाइगर मूवमेंट एरिया को संरक्षित रखने के प्रावधान हैं। मास्टर प्लान में ग्रीन एरिया को 16.5% प्रस्तावित किया गया है, जो URDPFI गाइडलाइंस से अधिक है। भानपुर खंती (डंपसाइट) के री-डेवलपमेंट के तहत वहां गोल्फ कोर्स प्रस्तावित किया गया है। कॉलोनियों में खुला/हरित क्षेत्र 10% से बढ़ाकर 12% किया गया है तथा सर्विस एरिया के लिए 2% अतिरिक्त क्षेत्रफल निर्धारित है। ख) 51 किलोमीटर लंबा ग्रोथ कॉरिडोर (Growth Corridor) आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए लगभग 3000 हेक्टेयर भूमि ग्रोथ कॉरिडोर के अंतर्गत प्रस्तावित है। यह 51 किमी लंबा कॉरिडोर EKAI सिटी (भौरी), एयरपोर्ट, प्रस्तावित CMU, लॉजिस्टिक्स स्टोरेज और उप-नगरों को जोड़ेगा। इस कॉरिडोर में होटल व हॉस्पिटैलिटी, आईटी सेक्टर, एआई व डेटा सेंटर, लॉजिस्टिक्स, wholesale मार्केट, मॉल, कॉर्पोरेट ऑफिस, एजुकेशनल हब और हाउसिंग विकसित की जाएगी। इस मार्ग पर BRTS कॉरिडोर प्रस्तावित है, जिसे भविष्य में MRTS (मेट्रो) में अपग्रेड किया जा सकेगा। यह क्षेत्र Transit-Oriented Zone (TOD) के रूप में विकसित होगा। ग) मिक्स्ड लैंड यूज़ एवं अनलिमिटेड FAR (Land Use & Infrastructure) कार्यस्थल और आवास (Work & Home) में बेहतर तालमेल के लिए मार्ग की चौड़ाई के आधार पर मिक्स्ड लैंड यूज़ की अनुमति होगी। अधिक चौड़े मार्गों पर स्थित भूखंडों के लिए असीमित FAR (Floor Area Ratio) और भवन ऊंचाई की सीमा से छूट का प्रावधान है। निर्माण नियमों का सरलीकरण किया गया है; भूतल कवरेज (Ground Coverage) हटाया गया है और MOS का पुनर्निरूपण किया गया है। घ) हाउसिंग एवं पुनर्विकास (Housing & Redevelopment) पुराने या विकसित क्षेत्रों में प्लॉट अमलगमेशन और बेस FAR में छूट देकर पुनर्विकास को प्रोत्साहन मिलेगा। 70% रहवासियों की सहमति पर RWA अपार्टमेंट्स का री-डेवलपमेंट कर सकेगी। अफोर्डेबल हाउसिंग को FAR क्रय की बाध्यता से मुक्त रखा गया है तथा प्रवासियों के लिए रेंटल हाउसिंग को बढ़ावा दिया जाएगा। हरित व अमोद-प्रमोद क्षेत्र की क्षतिपूर्ति के लिए Green TDR और ऐतिहासिक धरोहरों के लिए Heritage TDR के प्रावधान रखे गए हैं। ङ) स्मार्ट गवर्नेंस: डिजिटल ट्विन सिटी (Digital Twin City) योजना के रीयल-टाइम निरीक्षण, अवैध निर्माण पर रोक और मोबिलिटी प्रबंधन के लिए DIGITAL TWIN CITY प्रणाली लागू करने का प्रस्ताव है। च) सेफ सिटी, पार्किंग व EKAI City Safe City: सार्वजनिक स्थानों पर सीसीटीवी कैमरों की नेटवर्किंग, पारदर्शी बाउंड्री वॉल और सुरक्षित यातायात व्यवस्था। Parking Incentives: मल्टी-लेवल पार्किंग, मैकेनाइज्ड पार्किंग, खुले स्थानों के नीचे पार्किंग, फ्लाइओवर के नीचे पार्किंग और RWA द्वारा पार्किंग शुल्क लेने के प्रावधान। EKAI City (Bhauri): भौरी स्थित एजुकेशन हब को अपग्रेड कर Education Knowledge Artificial Intelligence (EKAI) City के रूप में विकसित किया जाएगा, जो रिसर्च, इनोवेशन और AI आधारित ज्ञान अर्थव्यवस्था का केंद्र होगा। विश्लेषण: नितिन सक्सेना।
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