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भगवान राम की कसम देकर मांगा जाएगा बुंदेलखंड राज्य:झांसी में भानु सहाय बोले-सत्ताधारी दल के प्रत्याशियों को हराने के लिए चलाएंगे अभियान
झांसी में बुंदेलखंड राज्य की मांग को लेकर बुंदेलखंड निर्माण मोर्चा अब खून से पत्र लिखकर प्रधानमंत्री और स्थानीय जनप्रतिनिधियों से राज्य बनाने की मांग करेगा। मोर्चा अध्यक्ष भानु सहाय ने कहा- हम अब चुनाव में सत्ताधारी एनडीए के प्रत्याशियों को हराने के लिए वोटर के पास जाएंगे और उनसे गंगाजल लेकर कसम भी लेंगे। उन्होंने शनिवार को प्रेस कांफ्रेंस में बताया कि 16 सितंबर से 18 अक्टूबर तक झांसी नगर निगम के सभी वार्डों में जनसंपर्क अभियान चलाया जाएगा। 15 वार्डों में मशाल जुलूस-15 वार्डों में खून से पत्र लिखे जाएंगे। इसके बाद 21 अक्टूबर से गांधी उद्यान, कचहरी के पास ‘हमारा बुंदेलखंड हमें वापस दो, राम कौ कौल’ अभियान के तहत अनशन और सत्याग्रह शुरू किया जाएगा। 12 साल से वादे का इंतजार भानु सहाय ने कहा कि बुंदेलखंड राज्य बनाने का वादा भगवान श्रीराम को साक्षी मानकर तीन साल के भीतर पूरा करने की बात कही गई थी। इसके बावजूद 12 साल से अधिक समय बीत गया, लेकिन राज्य निर्माण की दिशा में कोई कार्रवाई शुरू नहीं हुई। उन्होंने कहा कि सत्ता पक्ष के जनप्रतिनिधियों ने भी इस मुद्दे को मजबूती से नहीं उठाया। इसी के विरोध में ‘राम कौ कौल’ अभियान शुरू किया जा रहा है। मोर्चा की ओर से जनप्रतिनिधि धिक्कार यात्रा भी निकाली जाएगी। इसके तहत बैदौरा, पड़रा, समथर, टहरौली, रक्सा, गुरसराय और बड़ागांव में शाम को मशाल जुलूस निकाला जाएगा। मोर्चा का दावा है कि इन कार्यक्रमों के जरिए बड़ी संख्या में लोगों को आंदोलन से जोड़ा जाएगा। अस्पतालों में स्टाफ और स्कूलों में शिक्षकों की मांग अलग बुंदेलखंड राज्य के साथ मोर्चा ने क्षेत्र की स्वास्थ्य और शिक्षा व्यवस्था से जुड़ी मांगें भी उठाईं। मेडिकल कॉलेजों, सरकारी अस्पतालों और सीएचसी-पीएचसी में डॉक्टर, मेडिकल, पैरामेडिकल, नर्सिंग और अन्य स्टाफ के रिक्त पद समयबद्ध तरीके से भरने की मांग की गई। इसके अलावा उन्होंने अस्पतालों में जरूरी उपकरण उपलब्ध कराने की भी मांग है। वहीं, उन्होंने बुंदेलखंड विश्वविद्यालय को स्ववित्तपोषित के बजाय एडेड दर्जा देने के साथ ही स्कूलों की बदहाली दूर करने का भी मुद्दा उठाया। ई-20 और केन-बेतवा परियोजना पर भी सवाल मोर्चा ने बुंदेलखंड में ई-20 ईंधन के इस्तेमाल पर रोक लगाने की मांग की। इसके अलावा क्षेत्र में चल रहे कथित अवैध नर्सिंग होम और उनसे जुड़े अधिकारियों की कार्यप्रणाली की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की गई। केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना से विस्थापित लोगों को उचित मुआवजा देने और परियोजना में कथित भ्रष्टाचार की जांच कराने की मांग भी रखी गई। भानु सहाय ने कहा कि आंदोलन के दौरान गांव-गांव और वार्डों में लोगों को जोड़ा जाएगा। उन्होंने आने वाले चुनाव में सत्ता पक्ष एनडीए के प्रत्याशियों को हराने के लिए लोगों को गंगाजली उठाकर अभियान से जोड़ने की बात कही। उन्होंने बताया कि झांसी के बाद दूसरा चरण महोबा, तीसरा जालौन, चौथा बांदा, पांचवां हमीरपुर, छठा ललितपुर और सातवां चरण चित्रकूट में किया जाएगा। मांगों को लेकर ये भी साथ आए प्रेस वार्ता में रघुराज शर्मा, हमीदा अंजुम, गिरजा शंकर राय, प्रदीप नाथ झा, रामजी सिंह पारीछा, उत्कर्ष साहू, अनिल कश्यप, गोलू ठाकुर, कलाम कुरैशी, अमित त्रिपाठी, विनोद अग्रवाल, मनोज प्रजापति पारीछा, अभिषेक तिवारी, शंकर रायकवार, विजय रायकवार और जीतू कुमार ने भी अभियान से जुड़ने की बात कही।
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