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बाबा आनंदेश्वर धाम में बाबा का अलौकिक श्रृंगार:मोगरे के फूलों की पोशाक और फलों का लगा महाभोग, दर्शन को उमड़ी भक्तों की भीड़
परमट स्थित सुप्रसिद्ध बाबा आनंदेश्वर महादेव मंदिर में बाबा का अत्यंत भव्य, सुंदर और दिव्य श्रृंगार किया गया। बाबा के इस अलौकिक और मनमोहक स्वरूप के दर्शन के लिए मंदिर परिसर में भोर से ही श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। 'हर-हर महादेव' और 'जय भोलेनाथ' के जयकारों से पूरा परमट धाम गुंजायमान हो उठा। सफेद भस्म लेप और त्रिपुंड से सजा दिव्य रूप बाबा आनंदेश्वर का मुखारविंद और दाढ़ी-मूंछें शुभ्र सफेद रंग से सुसज्जित की गईं, जो भांग, कपास और भस्म के सुंदर लेपन जैसा भव्य स्वरूप दे रही थीं। मस्तक पर पीले और लाल रंग से त्रिनेत्र तथा त्रिपुंड सजाया गया था। जटाओं के पास चांदी जैसी बालचंद्र सुशोभित थी, तो कानों में सोने के बड़े कुंडल विराजमान थे। बाबा का यह स्वरूप देखकर भक्त भावविभोर हो गए। मोगरे के फूलों की पोशाक और गुलाबी मालाओं का सजावट पुष्प और वस्त्र श्रृंगार के तहत बाबा को सफेद मोगरे और राई-बेल के ताजे फूलों का अत्यंत घना आवरण (पोशाक) पहनाया गया। सफेद फूलों की इस भव्य पोशाक पर गुलाबी और लाल रंग के पुष्पों की सुंदर मालाएं सजाई गईं। जटाओं के ठीक ऊपर मोगरे के फूलों का विशाल मुकुट और कलश रूपी छत्र तैयार किया गया था, जो आकर्षण का केंद्र बना रहा। नागदेवता का छत्र और फूलों से लिपटा त्रिशूल शिवलिंग के ठीक आगे चांदी के नागदेवता और छत्र सुशोभित नजर आए। वहीं बाईं ओर गेंदे के पीले फूलों से लिपटा हुआ भव्य त्रिशूल विराजमान था। बाबा का यह अलौकिक श्रृंगार ऐसा लग रहा था मानो साक्षात शिवजी अपने दिव्य रूप में भक्तों को दर्शन दे रहे हों। फलों और मिठाइयों का अर्पित किया गया महाभोग श्रृंगार के साथ-साथ बाबा को अन्नकूट और महाभोग भी अर्पित किया गया। जलाधारी और वेदी के चारों ओर प्रचुर मात्रा में ताजे फल हरे व काले अंगूर, संतरे, सेब, आम और अनार सजाए गए थे। सबसे आगे चांदी की थालियों में काजू कतली और विभिन्न प्रकार की मिठाइयों का भोग लगाया गया। आरती के बाद भक्तों में महाप्रसाद का वितरण किया गया।
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