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अनुवाद हमें सिखाता है कि भाषा भले अलग हो पर भाव एक जैसा ही है,,
सुनील कुमार वाजपेयी शिवम् तीस सितंबर का दिन पूरे विश्व में अंतर्राष्ट्रीय अनुवाद दिवस के रूप में मनाया जाता है। यह दिवस केवल भाषा के पेशेवरों का दिवस नहीं है, यह मानव सभ्यता के उस मूक सेतु का सम्मान है जो एक मन को दूसरे मन से, एक संस्कृति को दूसरी संस्कृति से और एक युग को दूसरे युग से जोड़ता है। यदि भाषा विचारों की वाहक है तो अनुवाद उस विचार को सीमाओं के पार ले जाने वाला रथ है। अनुवाद के बिना विश्व का ज्ञान एक कोने में सिमटा रह जाता। यदि हमारे ऋषियों का ज्ञान यूनानी भाषा ...
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