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अलीगढ़ में बोले प्रदेश के राज्य मंत्री:सिविल डिफेंस की पहचान ड्यूटी से नहीं, सेवा कार्यों से बनाएं: मंत्री धर्मवीर प्रजापति
सिविल डिफेंस के स्वयंसेवक केवल निर्धारित ड्यूटी तक सीमित न रहें, बल्कि समाज के बीच जाकर आपदा प्रबंधन, आग से बचाव, स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण को लेकर लोगों को जागरूक करें। सेवा कार्यों और अनुशासन के जरिए नागरिक सुरक्षा विभाग की ऐसी पहचान बनाएं, जिससे लोगों के बीच सुरक्षा और भरोसे का संदेश जाए। यह बात रविवार को सर्किट हाउस में नागरिक सुरक्षा वार्डनों और स्वयंसेवकों से संवाद के दौरान प्रदेश के होमगार्ड्स एवं नागरिक सुरक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्मवीर प्रजापति ने कही। उन्होंने कहा कि नागरिक सुरक्षा विभाग महत्वपूर्ण जिम्मेदारी वाला विभाग है। इससे जुड़े प्रत्येक व्यक्ति का व्यवहार और कार्य समाज में विभाग की छवि तय करता है। जहां भी सिविल डिफेंस की ड्यूटी लगे, वहां विभाग का बैनर और पहचान स्पष्ट रूप से प्रदर्शित की जाए। स्वयंसेवक अपने काम से ऐसी सकारात्मक छाप छोड़ें कि लोगों को सिविल डिफेंस का मतलब सुरक्षा और सेवा नजर आए। स्कूल-कॉलेज और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर चलाएं जागरूकता अभियान मंत्री ने स्वयंसेवकों से कहा कि वे बस्तियों, पार्कों, स्कूल-कॉलेजों, मॉल और अन्य सार्वजनिक स्थलों पर जाकर लोगों को आग लगने या अचानक आपदा आने की स्थिति में बचाव के तरीके बताएं। खासतौर पर लोगों को यह जानकारी दी जाए कि आग लगने के शुरुआती समय में सुरक्षित तरीके से क्या कदम उठाए जा सकते हैं और आपदा के दौरान किन सावधानियों का पालन करना चाहिए। उन्होंने स्वयंसेवकों से लोगों के साथ सद्व्यवहार करते हुए संवाद करने और सुरक्षा संबंधी जानकारी को सरल तरीके से पहुंचाने को कहा। रेलवे स्टेशन से श्रमिक चौक तक सेवा का आह्वान धर्मवीर प्रजापति ने कहा कि सिविल डिफेंस और होमगार्ड से जुड़े स्वयंसेवकों का समाजसेवा से जुड़ाव बढ़ना चाहिए। उन्होंने समय-समय पर स्वच्छता अभियान चलाने, श्रमिक चौक पर जाकर श्रमिकों के हित में काम करने और मंदिर, रेलवे स्टेशन, बस स्टेशन सहित सार्वजनिक स्थानों पर सेवा कार्य करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि सेवा कार्यों से विभाग की छवि मजबूत होने के साथ स्वयंसेवकों को समाज में सम्मान भी मिलता है। जीवन में दिखावे की बजाय कर्म और सेवा को महत्व दिया जाना चाहिए। बोले- संस्कृति और संस्कारों से नई पीढ़ी को जोड़ना जरूरी मंत्री ने कहा कि आधुनिकता के साथ अपनी संस्कृति और संस्कारों को नहीं भूलना चाहिए। समाज में परिवार, सेवा और सहयोग की भावना कमजोर नहीं होनी चाहिए। उन्होंने वृद्धाश्रमों की बढ़ती संख्या को सामाजिक चिंता का विषय बताते हुए परिवार के प्रति जिम्मेदारी की भावना मजबूत करने पर जोर दिया। रामायण और महाभारत के प्रसंगों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि बड़े-बड़े साम्राज्यों के स्वामी भी दुनिया से जाते समय अपने साथ कुछ नहीं ले जा सके। इसलिए व्यक्ति को लोभ-लालच से दूर रहकर परमार्थ के कामों को प्राथमिकता देनी चाहिए। उन्होंने शास्त्रों और महापुरुषों के विचारों को जीवन में उतारने की जरूरत बताई। प्लास्टिक कम करें, पानी बचाएं पर्यावरण संरक्षण को लेकर मंत्री ने कहा कि प्रकृति का लगातार दोहन और प्रदूषण आने वाली पीढ़ियों के लिए गंभीर खतरा है। अंधाधुंध पॉलीथिन और प्लास्टिक का इस्तेमाल पर्यावरण के साथ मानव जीवन को भी प्रभावित कर रहा है। उन्होंने लोगों से बाजार जाते समय कपड़े का थैला इस्तेमाल करने, प्लास्टिक का प्रयोग कम करने और जल संरक्षण को जनआंदोलन बनाने की अपील की। उन्होंने गिरते भूजल स्तर और बढ़ते प्रदूषण को गंभीर संकेत बताते हुए कहा कि प्रकृति के संरक्षण की जिम्मेदारी आज नहीं निभाई गई तो आने वाली पीढ़ी को इसका नुकसान उठाना पड़ेगा। आपदा के समय त्वरित मदद देने की तैयारी रखें उन्होंने कहा कि सिविल डिफेंस से जुड़े स्वयंसेवकों की भूमिका आपदा के समय और महत्वपूर्ण हो जाती है। ऐसे प्रशिक्षण और सेवा कार्य किए जाएं, जिनसे जरूरत पड़ने पर लोगों को तत्काल सहायता और सुरक्षा दी जा सके। उन्होंने स्वयंसेवकों से अपने जीवन को सेवा कार्यों के लिए समर्पित करने को सौभाग्य मानने की अपील की। कार्यक्रम के अंत में मंत्री ने सिविल डिफेंस के वार्डनों और स्वयंसेवकों के साथ फोटो खिंचवाई। नगर मजिस्ट्रेट ने सभी का आभार जताया। इस दौरान नगर मजिस्ट्रेट डॉ. अतुल गुप्ता, डिप्टी कलेक्टर रश्मि लता, जिला कमांडेंट होमगार्ड डॉ. धीरेंद्र कुमार पांडेय, सिविल डिफेंस चीफ वार्डेन एवं कमांडिंग ऑफिसर सीपी सिंह सहित बड़ी संख्या में सिविल डिफेंस के वार्डन और स्वयंसेवक मौजूद रहे।
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