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अखिलेश बोले, भाजपा सरकार में कानून नहीं मनमर्जी चल रही:पुलिस को खुली छूट, विपक्ष पर लादे जा रहे झूठे मुकदमे, हाईकोर्ट व महिला आयोग संज्ञान लें
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा है कि प्रदेश में कानून और संविधान से काम नहीं हो रहा। उन्होंने आरोप लगाया कि जब तक भाजपा सरकार रहेगी, कानून से काम नहीं होगा। सरकार मनमर्जी से चल रही है और पुलिस को खुली छूट दे दी गई है। गुंडा एक्ट लगाने को लेकर हाईकोर्ट की टिप्पणी को बेहद गंभीर बताते हुए अखिलेश ने कहा कि भाजपा सरकार संविधान और लोकतंत्र विरोधी है तथा सत्ता का दुरुपयोग कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार कानूनों का दुरुपयोग कर रही है, लोगों पर झूठे मुकदमे दर्ज कर प्रताड़ित कर रही है और विपक्ष को बदनाम करने के लिए सत्ता तंत्र का इस्तेमाल कर रही है। समाजवादी पार्टी की ओर से जारी प्रेस नोट के जरिए ये बातें कही हैं। अखिलेश ने कहा कि विपक्षी नेताओं को बदनाम करने के लिए भयंकर वीडियो बनवाए जा रहे हैं। हाईकोर्ट को इसका स्वतः संज्ञान लेना चाहिए। वीडियो बनवाने वाले अधिकारी पर एक महिला ने आरोप लगाया है, लेकिन महिला आयोग संज्ञान नहीं ले रहा। पंचायत सहायक समेत धरना-प्रदर्शन कर रहे संगठनों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार ने सबको धोखा दिया, समय बर्बाद किया, काम लिया और अपमानित किया। उन्होंने लोगों से अपील की कि सभी मिलकर भाजपा को सत्ता से हटाएं। समाजवादी सरकार आने पर ग्राम स्तर की नौकरियों की विसंगतियां दूर की जाएंगी, आउटसोर्स व्यवस्था बंद कर पक्की नौकरी दी जाएगी और वेतन विसंगतियां दूर की जाएंगी। स्वास्थ्य सेवाओं पर हमला करते हुए अखिलेश ने कहा कि विभाग में लापरवाही चरम पर है। मरीजों को दूसरी बीमारी की दवा दे दी जाती है। झांसी का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि एक व्यक्ति पत्नी का इलाज नहीं करा पाया। मौत के बाद दाह संस्कार के पैसे नहीं थे, इसलिए लाश नदी में बहा दी गई। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने एमएसएमई सेक्टर बर्बाद कर दिया है। लखनऊ के सरोजनी नगर और कानपुर के औद्योगिक क्षेत्र चरमरा गए हैं। बाहर से भारी आयात हो रहा है, ऐसे में स्थानीय उद्योग कैसे चलेंगे? अखिलेश ने कहा कि भाजपा लोकतंत्र विरोधी है। विकसित भारत के सपने दिखाए जा रहे हैं, लेकिन सवाल पूछने पर कार्रवाई, धमकी और प्रताड़ना होती है। गांव, शहर या स्कूल की समस्या उठाने वाले के खिलाफ भी कार्रवाई कराई जाती है। लोकतंत्र में सवाल पूछने की आजादी होनी चाहिए। अंत में उन्होंने कृषि, पर्यावरण, शहरी इंफ्रास्ट्रक्चर, सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट और नदियों की सफाई पर सरकार से जवाब मांगा। कहा कि समिट और विदेशी नेताओं के आने मात्र से जनता की समस्याएं हल नहीं होतीं। किसानों को खाद-बीज समय पर नहीं मिल रहा और आलू, गन्ना, मक्का समेत फसलों का सही दाम नहीं मिल रहा।
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