politics
आजादी से आत्मनिर्भरता तक का सफर, अब सपनों को साकार करने का समय
स्वतंत्रता सेनानियों ने जिस भारत का सपना देखा था, वह केवल राजनीतिक आजादी तक सीमित नहीं था, बल्कि उसमें सामाजिक न्याय, समान अवसर, आत्मनिर्भरता और मानवीय गरिमा की स्थापना शामिल थी। आज भारत ने लोकतंत्र, अर्थव्यवस्था, विज्ञान, तकनीक और बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है, लेकिन विकास की यात्रा अभी अधूरी है। सच्ची स्वतंत्रता तभी सार्थक होगी, जब देश का अंतिम व्यक्ति भी शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, सम्मान और अवसरों से जुड़ सके। विविधता में एकता, प्रकृति के साथ संतुलित विकास, संवेदनशील शिक्षा और जिम्मेदार नागरिकता ही उस भारत की नींव हैं, जिसका सपना हमारे स्वतंत्रता सेनानियों ने देखा था। भारत की यात्रा उपलब्धियों के साथ-साथ आत्ममंथन और निरंतर सुधार की यात्रा भी है।
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