politics
6000 यूजी-पीजी सीटों की कटौती पर आंदोलन की तैयारी:समाजवादी छात्र सभा ने किया ऐलान, इविवि प्रशासन को चेतावनी
इलाहाबाद विश्वविद्यालय में यूजी व पीजी की लगभग छह हजार सीटों में हुई कटौती का म़ुद्दा फिर गरमाने लगा है। समाजवादी छात्र सभा ने इस मुद्दे को लेकर बड़े आंदोलन की रणनीति तैयार की है। साथ ही कई और मुद्दों पर विरोध प्रदर्शन की तैयारी है। शुक्रवार को समाजवादी छात्र सभा इलाहाबाद विश्वविद्यालय व संघटक कॉलेजों की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की मासिक बैठक में यह फैसला लिया गया। इस मामले को लेकर छात्र लगातार इविवि कैंपस के बाहर प्रदर्शन कर रहे हैं। प्रयागराज से दैनिक भास्कर की रिपोर्ट। क्या क्या है मुद्दें विशेष रूप से इलाहाबाद विश्वविद्यालय में यूजी एवं पीजी की लगभग 6,000 सीटों में हुई कटौती, लगातार बढ़ रही फीस, छात्रावासों की समस्याएं, छात्र संघ बहाली, परिसर में पेयजल एवं वाटर कूलर की समस्या, लाइब्रेरी को 24 घंटे संचालित करने की मांग तथा ग्रामीण एवं आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों के सामने उच्च शिक्षा को लेकर उत्पन्न हो रही कठिनाइयों पर गंभीरता से चर्चा हुई। ठोस कदम नहीं तो आंदोलन बैठक में यह निर्णय लिया गया कि विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा यूजी-पीजी सीटों में की गई भारी कटौती को तत्काल वापस लेने, लगातार बढ़ाई जा रही फीस पर रोक लगाने, छात्रावासों की समस्याओं का समाधान करने तथा छात्र संघ को बहाल करने की मांग को लेकर छात्र समुदाय को एकजुट किया जाएगा। यदि विश्वविद्यालय प्रशासन छात्र हित में ठोस निर्णय नहीं लेता है, तो समाजवादी छात्र सभा एक व्यापक एवं चरणबद्ध छात्र आंदोलन शुरू करने के लिए बाध्य होगी। छात्र उच्च शिक्षा से दूर हो रहे बैठक को संबोधित करते हुए समाजवादी छात्र सभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अजय यादव सम्राट ने कहा कि इलाहाबाद विश्वविद्यालय जैसे केंद्रीय विश्वविद्यालय का उद्देश्य देश के गरीब, किसान, मजदूर, ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों से आने वाले छात्रों को गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा का अवसर उपलब्ध कराना है। लेकिन लगातार फीस वृद्धि, हॉस्टल फीस में बढ़ोतरी और सीटों में कटौती के कारण बड़ी संख्या में छात्र उच्च शिक्षा से दूर होने की स्थिति में पहुंच रहे हैं। कहा कि 400 प्रतिशत फीस वृद्धि के बाद भी लगातार फीस बढ़ाना छात्र हित के विरुद्ध है। विश्वविद्यालय प्रशासन को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि आर्थिक रूप से कमजोर परिवार का कोई भी छात्र फीस के कारण शिक्षा से वंचित न हो। यूजी-पीजी सीटों में हुई लगभग 6,000 सीटों की कटौती को तत्काल वापस लिया जाना चाहिए और छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ बंद किया जाना चाहिए। समाजवादी छात्र सभा ने यह भी निर्णय लिया कि संगठन को विश्वविद्यालय एवं सभी संघटक कॉलेजों में विभाग स्तर तक मजबूत किया जाएगा। नए प्रवेश लेने वाले छात्रों को संगठन से जोड़ा जाएगा और छात्र हित के मुद्दों को मजबूती से उठाने के लिए एक व्यापक छात्र संपर्क अभियान चलाया जाएगा। विधानसभा चुनाव को लेकर रणनीति बैठक में आगामी 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर भी संगठन की राजनीतिक रणनीति पर चर्चा हुई। समाजवादी छात्र सभा ने संगठन को मजबूत करते हुए समाजवादी पार्टी के जनाधार को बढ़ाने तथा राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को 2027 में सत्ता तक पहुंचाने के लिए पूरी मजबूती से कार्य करने का संकल्प लिया। बैठक में समाजवादी छात्र सभा के राष्ट्रीय सचिव सचिन यादव,इलाहाबाद विश्वविद्यालय इकाई अध्यक्ष आशुतोष मौर्य, ईश्वर शरण डिग्री कॉलेज इकाई अध्यक्ष शिवम पाल, छात्र नेता विकास यादव, अभिषेक यादव, आयुष महात्मा, अमित विपक्षी, अंश यादव, प यश कुशवाहा, अभिषेक पटेल, जयप्रकाश यादव, प्रतीक यादव, शैलेंद्र यादव, प्रथम यादव, अनुराग यादव, आनंद विश्वकर्मा, अभिषेक पाल आदि मौजूद रहे।
Read full article on Bhaskar