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1.13 करोड़ की नशीली दवाओं के आरोपी की जमानत खारिज:कोर्ट ने कहा- जमानत का ठोस आधार नहीं; भाई अभी फरार
गोंडा में 1.13 करोड़ रुपये की नकली और नशीली दवाओं के अवैध कारोबार के आरोपी शिवम कसौधन को शुक्रवार शाम 5 बजे बड़ा झटका लगा। अपर जनपद एवं सत्र न्यायाधीश/एनडीपीएस कोर्ट ने उसकी जमानत याचिका खारिज कर दी। कोर्ट ने कहा कि जमानत देने के लिए कोई ठोस आधार नहीं है। शिवम 19 जुलाई को गिरफ्तारी के बाद से गोंडा मंडलीय कारागार में बंद है। निर्दोष होने का दावा किया था शिवम कसौधन ने अधिवक्ता के माध्यम से जमानत याचिका दाखिल कर खुद को निर्दोष बताया था। उसने दावा किया कि वह अमन फार्मास्यूटिकल का न तो प्रोपराइटर है और न ही पार्टनर। उसके मुताबिक यह कारोबार उसका सगा भाई अमन कसौधन करता था और दोनों भाइयों के बीच पहले ही बंटवारा हो चुका है। दुकान की पहचान कराने के लिए बुलाने का दावा शिवम ने अदालत में कहा कि ड्रग्स विभाग की टीम ने उसे अमन कसौधन की दुकान की पहचान कराने के लिए बुलाया था, लेकिन इसके बाद उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। उसने इसी आधार पर जमानत की मांग की थी। अभियोजन ने जमानत का किया विरोध विशेष अभियोजक एनडीपीएस एक्ट अनुपम शुक्ला ने जमानत का विरोध करते हुए कहा कि शिवम बिना लाइसेंस नकली और नशीली दवाओं की बिक्री के कारोबार में शामिल था। अभियोजन ने केस डायरी में दर्ज तथ्यों और आरोपी के खिलाफ सामने आए गंभीर आरोपों का हवाला देते हुए जमानत खारिज करने की मांग की। तीन दिन चली थी बड़े पैमाने पर छापेमारी गोंडा में 16, 17 और 18 जुलाई को 9 जिलों की ड्रग्स विभाग की टीमों ने लगातार तीन दिन छापेमारी की थी। कार्रवाई के दौरान तीन अवैध गोदामों से करीब 1 करोड़ 13 लाख रुपये की नकली और नशीली दवाएं बरामद की गई थीं। इसी मामले में शिवम कसौधन को 19 जुलाई को गिरफ्तार किया गया था। मुख्य आरोपी अमन अभी फरार मामले में शिवम का भाई और मुख्य आरोपी बताया जा रहा अमन कसौधन अभी फरार है। पुलिस उसकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है। कोर्ट द्वारा शिवम की जमानत खारिज किए जाने के बाद अब वह जेल में ही रहेगा।
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