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विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष बने जसमीर अंसारी:लाल बिहारी यादव की जगह लेंगे; नवंबर में खत्म हो रहा है कार्यकाल
सपा ने विधान परिषद में बड़ा बदलाव करते हुए जसमीर अंसारी को नेता प्रतिपक्ष की जिम्मेदारी सौंपी है। अंसारी अब तक विधान परिषद में पार्टी के उपनेता थे। यह फैसला 2027 के विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखकर लिया गया है। पार्टी पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) फॉर्मूले को और मजबूत करना चाहती है। जसमीर अंसारी की नियुक्ति के जरिए पार्टी कार्यकर्ताओं, खासकर अल्पसंख्यक और पिछड़े वर्ग के कार्यकर्ताओं को साधने की कोशिश मानी जा रही है। कौन हैं जसमीर अंसारी? जसमीर अंसारी मूल रूप से सीतापुर जिले के लहरपुर के रहने वाले हैं। उनका जन्म 12 जनवरी 1968 को हुआ था। वह दो बार लहरपुर विधानसभा सीट से विधायक रह चुके हैं। 2007 से 2017 तक उन्होंने बहुजन समाज पार्टी के टिकट पर विधायक के तौर पर कार्य किया। इसके बाद वह कांग्रेस में शामिल हुए और 2019 के लोकसभा चुनाव के बाद समाजवादी पार्टी में आ गए। 2022 में वह विधायकों द्वारा चुने जाने वाले निर्वाचन क्षेत्र से विधान परिषद सदस्य निर्वाचित हुए। इसके बाद से वह सदन में सपा के उपनेता के रूप में सक्रिय रहे। वह विधान परिषद की आश्वासन समिति के सभापति भी रह चुके हैं। जसमीर अंसारी सदन में सरकार की नीतियों पर सवाल उठाने और जनहित से जुड़े मुद्दे उठाने के लिए जाने जाते हैं। लहरपुर में भी वह स्थानीय स्तर पर सक्रिय रहे हैं। लाल बिहारी यादव की जगह क्यों? लाल बिहारी यादव जुलाई 2024 से विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। उनका कार्यकाल नवंबर में पूरा हो रहा है। मंगलवार को चुनाव की घोषणा के बाद अखिलेश यादव ने लाल बिहारी यादव को नेता प्रतिपक्ष के पद से मुक्त कर दिया। विधान परिषद में सपा के 10 सदस्य हैं, जो विपक्ष के रूप में मान्यता के लिए पर्याप्त संख्या है।
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