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विदिशा के व्यापारियों ने मनाया 'नो UPI डे':QR कोड ढके, दिनभर UPI से लेन-देन नहीं किया, कई ग्राहक लौटे
विदिशा में व्यापारियों ने बुधवार को ‘नो UPI डे’ मनाया। यह विरोध 2 हजार रुपए से ज्यादा के पात्र UPI पेमेंट पर 0.4 प्रतिशत मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) लागू होने के खिलाफ था। व्यापारियों ने दिनभर UPI से भुगतान नहीं लिया। कई दुकानों पर QR कोड और साउंड बॉक्स को काले कपड़े से ढक दिया गया। कैश नहीं होने से ग्राहक लौटे UPI से भुगतान नहीं होने के कारण ग्राहकों को परेशानी हुई। कई ग्राहकों के पास नगद रुपए नहीं थे। ऐसे में वे बिना सामान खरीदे ही दुकानों से लौट गए। व्यापारियों ने अतिरिक्त खर्च बढ़ने की बात कही व्यापारियों का कहना है कि UPI को डिजिटल भुगतान के तौर पर बढ़ावा दिया गया था। अब इस पर MDR लागू होने से कारोबारियों पर अतिरिक्त खर्च बढ़ेगा। उनका कहना है कि व्यापारी पहले से GST और आयकर जैसे कई टैक्स और शुल्क दे रहे हैं। व्यापारियों के मुताबिक, नए शुल्क का असर छोटे और कम मार्जिन वाले कारोबारियों पर ज्यादा पड़ सकता है। शुल्क वापस लेने की मांग विदिशा चैंबर ऑफ कॉमर्स के महामंत्री हृदेश कुमार सोनी ने बताया कि व्यापारी UPI से भुगतान न लेकर अपना विरोध जता रहे हैं। उन्होंने कहा कि व्यापारी चाहते हैं कि प्रस्तावित शुल्क वापस लिया जाए। व्यापारी घनश्याम बंसल ने कहा कि अतिरिक्त लागत का असर कारोबार पर पड़ सकता है। व्यापारियों को आशंका है कि लागत बढ़ने पर सामान की कीमतें भी बढ़ सकती हैं। 15 अक्टूबर से लागू होगी नई व्यवस्था 15 अक्टूबर 2026 से ₹2,000 से ज्यादा के निर्धारित P2M UPI लेन-देन पर 0.4% MDR लागू होगा। यह शुल्क मर्चेंट से लिया जाएगा, ग्राहक से नहीं। ₹2,000 तक के P2M पेमेंट पर MDR नहीं लगेगा। P2P यानी एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति को भेजे जाने वाले UPI पेमेंट भी पहले की तरह मुफ्त रहेंगे। ₹75,000 या उससे ज्यादा के लेन-देन पर MDR की अधिकतम सीमा ₹300 प्रति ट्रांजैक्शन होगी। छोटे कारोबारियों के लिए भी कुछ छूट का प्रावधान है। आंदोलन बढ़ाने की चेतावनी व्यापारियों ने चेतावनी दी है कि यदि शुल्क वापस नहीं लिया गया तो UPI के बहिष्कार का आंदोलन और बड़ा किया जा सकता है।
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