politics
वकील बोले- एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट लागू हो:प्रयागराज में कई मांगों को लेकर हाईकोर्ट गेट पर प्रदर्शन, विधि एवं न्याय मंत्री को भेजा ज्ञापन
प्रयागराज में ऑल इंडिया लॉयर्स यूनियन की इलाहाबाद हाईकोर्ट इकाई ने बुधवार को राष्ट्रीय मांग दिवस मनाया। इस दौरान अधिवक्ताओं ने एडवोकेट्स प्रोटेक्शन एक्ट लागू करने, अधिवक्ताओं की सामाजिक सुरक्षा राशि बढ़ाने और जूनियर अधिवक्ताओं को स्टाइपेंड देने समेत कई मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। अधिवक्ताओं ने हाईकोर्ट के गेट नंबर-3 पर नारेबाजी की और बाद में जिलाधिकारी प्रयागराज के माध्यम से केंद्रीय विधि एवं न्याय मंत्री को ज्ञापन भेजा। ज्ञापन में अधिवक्ताओं के लिए सामाजिक सुरक्षा की राशि 25 लाख रुपये करने की मांग की गई। इसके अलावा जूनियर अधिवक्ताओं को शुरुआती पांच वर्षों तक 10 हजार रुपये प्रतिमाह स्टाइपेंड देने और अधिवक्ताओं के लिए 5 लाख रुपये का मेडिकल क्लेम उपलब्ध कराने की मांग रखी गई। यूनियन की ओर से कहा गया कि अधिवक्ताओं के सामाजिक और आर्थिक हितों को लेकर लंबे समय से मांगें उठाई जा रही हैं। इसके बावजूद इन मुद्दों पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई है। अधिवक्ताओं ने उत्तर प्रदेश एडवोकेट्स वेलफेयर फंड एक्ट-1974 में संशोधन कर सामाजिक सुरक्षा से जुड़े प्रावधानों को मजबूत करने की मांग भी की। 'एडवोकेट्स प्रोटेक्शन एक्ट पर चुप्पी क्यों?' कार्यक्रम की शुरुआत हाईकोर्ट के गेट नंबर-3 पर प्रदर्शन से हुई। अधिवक्ताओं ने 'उत्तर प्रदेश में एडवोकेट्स प्रोटेक्शन एक्ट पर चुप्पी क्यों, जवाब दो', 'अधिवक्ताओं की सामाजिक सुरक्षा का प्रावधान सुनिश्चित करो' और 'उत्तर प्रदेश में बदहाल कानून व्यवस्था क्यों, जवाब दो' जैसे नारे लगाए। अधिवक्ताओं ने कहा कि न्यायिक व्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले अधिवक्ताओं की सुरक्षा और सामाजिक सुरक्षा के लिए ठोस व्यवस्था जरूरी है। प्रदर्शन के बाद प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी प्रयागराज के माध्यम से केंद्रीय विधि एवं न्याय मंत्री, कर्तव्य भवन, नई दिल्ली को ज्ञापन भेजा। ज्ञापन एसीपी सिविल लाइंस विद्युत गोयल ने स्वीकार किया। बड़ी संख्या में अधिवक्ता हुए शामिल कार्यक्रम में ऑल इंडिया लॉयर्स यूनियन के अध्यक्ष अरविंद कुमार राय, पूर्व उपाध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह यादव, पूर्व सेक्रेटरी प्रेस आशुतोष त्रिपाठी, सेक्रेटरी एडमिन सुमित श्रीवास्तव, अनंत गुप्ता, माता प्रसाद पाल, सूर्यकेश यादव, दीपक कुमार, रोशन पांडे समेत बड़ी संख्या में अधिवक्ता शामिल हुए। अधिवक्ताओं ने कहा कि उनकी मांगें केवल व्यक्तिगत हितों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि न्याय व्यवस्था से जुड़े लोगों की सुरक्षा और सामाजिक संरक्षण से संबंधित हैं। उन्होंने सरकार से इन मांगों पर जल्द ठोस कदम उठाने की मांग की।
Read full article on Bhaskar