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उधार दिए 30-लाख वापस नहीं मिले,ट्रेन के आगे कूदा युवक:सुसाइड नोट में तीन परिचितों का नाम लिखा, कहा- इन्होंने बर्बाद कर दिया
जयपुर में ट्रेन के आगे छलांग लगाकर एक युवक ने सुसाइड कर लिया। जो उधार दिए रुपए वापस नहीं मिलने से परेशान था। करीब 30 लाख रुपए उधार दे रखे हैं। सुसाइड नोट में मृतक ने तीन परिचितों को मौत का जिम्मेदार बताया है। पुलिस ने बताया- शिवदासपुरा के मोहनपुरा निवासी सियाराम शर्मा (28) ने सुसाइड किया है। वह अपने माता-पिता और दो बड़े भाइयों के साथ रहता है। एक कॉलेज में ऑफिस वर्क संभालता था। सियाराम शर्मा शुक्रवार शाम करीब 7 बजे कॉलेज से घर जाने के लिए निकला था। शिवदासपुरा रेलवे स्टेशन से कुछ दूरी पर ट्रेन को आता देखकर पटरियों पर लेट गया। लोको पायलेट ने पटरियों पर लेटे युवक को देखकर ब्रेक लगाए। लेकिन सियाराम का सिर इंजन से टकरा गया। वह पटरियों के बीच में आने से घायल हो गया। ट्रेन से ही घायल को शिवदासपुरा रेलवे स्टेशन पर पहुंचाया गया। एम्बुलेंस की मदद से इलाज के लिए आरयूएचएस हॉस्पिटल में एडमिट करवाया गया। सिर में गंभीर चोट के कारण डॉक्टर्स ने उसे महात्मा गांधी हॉस्पिटल रेफर कर दिया। शनिवार सुबह करीब 5 बजे डॉक्टर्स ने उसे मृत घोषित कर दिया। शिवदासपुरा थाना पुलिस की ओर से पोस्टमार्टम के लिए शव को SMS हॉस्पिटल की मॉर्च्युरी भिजवाया गया। बैग में मिला सुसाइड नोट मृतक के पास बैग में सुसाइड नोट मिला है। सुसाइड से पहले सियाराम शर्मा ने अपने परिचितों को हाथ से लिखे सुसाइड नोट की फोटो खींचकर वॉट्सएप पर भेजी थी। सुसाइड नोट में लिखा- मैं ओमजी को 30 लाख रुपए दे चुका। अब वापस नहीं दे रहा है। दो प्लॉट बेचकर ये रकम दी थी। पांच लाख रुपए कॉलेज से लेकर दिए थे। इसमें दो बंदे और शामिल हैं। जगदीश प्रसाद जाट वाटिका का रहने वाला है। दूसरा रामवतार शर्मा ये मोहनपुरा का रहने वाला है। इसके पिताजी का नाम भरत लाल शर्मा है। ओमजी बालावाला मामाजी का लड़का है। ओमजी का मकान बस स्टेंड बालावाला पर है। जगदीश जाट रामवतार का दोस्त है। एक 100 गज का प्लाट हीरा मीणा को बेच दिया था। एक 77 गज का प्लाट बेचकर रकम दी थी। इस चीज का पता रामप्रयाद मीणा नारा की ढाणी वाटिका को है, जो पूरी बात बता देगा कि सियाराम के साथ गद्दारी कर रहे है। मेन आदमी ओमप्रकाश शर्मा बालावाला बागड़ा, जगदीश जाट, रामअवतार शर्मा बागड़ा हैं। ये तीनों आदमी ने मिलकर धोखाधड़ी की है। इनका मेन आदमी ओमप्रकाश शर्मा है। इन्होंने काफी लोगों को मोहनपुरा गांव में बर्बाद किया है। मेरे मरने का कारण यह तीन लोग है, जिन्होंने बर्बाद कर दिया। परिजनों ने नहीं करवाया पोस्टमार्टम हेड कॉन्स्टेबल जयपाल ने बताया- ट्रेन की चपेट में आने से घायल सियाराम की इलाज के दौरान मौत हो गई। SMS हॉस्पिटल की मॉर्च्युरी में उसका शव रखवाया गया था। परिजनों के कहने पर बिना पोस्टमार्टम करवाए शव परिजनों को सौंप दिया गया। मामले की जांच की जा रही है।
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