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धौलपुर में शैक्षिक महासंघ का जिला स्तरीय सम्मेलन:शिक्षकों की समस्याओं और संस्कार आधारित शिक्षा पर किया मंथन
अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ, राजस्थान विद्यालय शिक्षा, जिला धौलपुर का जिला स्तरीय शैक्षिक सम्मेलन शुक्रवार को निजी मैरिज होम में आयोजित हुआ। सम्मेलन में शिक्षकों के हित, स्कूली शिक्षा की गुणवत्ता और संस्कार आधारित शिक्षा को लेकर मंथन किया गया। साथ ही शिक्षकों की विभिन्न लंबित समस्याओं और मांगों को प्रमुखता से उठाया गया। संत रविदास के विचारों से शिक्षा में संस्कार जोड़ने पर जोर सम्मेलन के मुख्य वक्ता विभाग संघ चालक भागीरथ जी ने संत रविदास के जीवन और विचारों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि संत रविदास का जीवन समानता, सद्भाव, कर्म और मानवीय मूल्यों की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि शिक्षकों की भूमिका केवल पाठ्यक्रम पूरा कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों में संस्कार, सामाजिक समरसता और राष्ट्रभाव विकसित करना भी उनका अहम दायित्व है। 'हमारा विद्यालय–हमारा तीर्थ' विषय पर रखे विचार मुख्य अतिथि अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के सह संगठन मंत्री जयराम जाट ने 'हमारा विद्यालय–हमारा तीर्थ' विषय पर विचार रखे। उन्होंने स्कूलों को अच्छी शिक्षा, अनुशासन, संस्कार और सामाजिक चेतना का केंद्र बनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि विद्यालय विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास के साथ राष्ट्र निर्माण की भी अहम नींव हैं। तबादले और पदोन्नति जल्द शुरू करने की मांग जिलाध्यक्ष पुरुषोत्तम शर्मा ने शिक्षकों से जुड़ी विभिन्न मांगें सम्मेलन में रखीं। उन्होंने तृतीय श्रेणी शिक्षकों के तबादले और पदोन्नति की प्रक्रिया जल्द शुरू कर तय समय में पूरी करने की मांग की। उन्होंने सभी वर्गों की वेतन विसंगतियां दूर करने के साथ ही वर्ष 2005 और 2008 में नियुक्त तृतीय श्रेणी अध्यापकों के वेतनमान की विसंगति को ठीक करने की मांग भी उठाई। उन्होंने पदोन्नति प्राप्त शिक्षकों को जल्द पदस्थापित करने और लंबित पदोन्नतियां पूरी करने की बात कही। न्यायालय में चल रहे मामलों में भी शिक्षकों के हितों का ध्यान रखने की मांग की गई। खाली पद भरने और गैर-शैक्षणिक कार्यों से मुक्ति की मांग पुरुषोत्तम शर्मा ने स्कूलों में खाली पड़े शिक्षकों के पद भरने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि शिक्षकों को गैर-शैक्षणिक कार्यों से मुक्त किया जाना चाहिए, ताकि वे विद्यार्थियों की पढ़ाई और शिक्षा की गुणवत्ता पर अधिक ध्यान दे सकें। पुरानी पेंशन और TET में छूट की मांग जिला मंत्री नवनीत प्रिय त्रिपाठी ने सभी संवर्गों के स्थानांतरण स्पष्ट, पारदर्शी और नीतिगत आधार पर करने की मांग रखी। उन्होंने पुरानी पेंशन योजना जारी रखने और पात्र शिक्षकों को कल्याणकारी योजनाओं का लाभ निर्बाध रूप से देने की बात कही। उन्होंने लंबे समय से सेवाएं दे रहे शिक्षकों को TET पात्रता परीक्षा में उचित छूट देने और शिक्षक हित से जुड़े लंबित मामलों का शीघ्र निस्तारण करने की मांग भी रखी। सेवानिवृत्त शिक्षकों का सम्मान सम्मेलन में शिक्षा के क्षेत्र में लंबे समय तक सेवाएं देने वाले सेवानिवृत्त शिक्षकों का सम्मान किया गया। संगठन पदाधिकारियों और अतिथियों ने उनके योगदान को याद करते हुए सम्मान एवं कृतज्ञता व्यक्त की। ये रहे मौजूद कार्यक्रम में समग्र शिक्षा के अतिरिक्त जिला परियोजना समन्वयक जितेंद्र जादौन, मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी महेश मंगल, मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी बाड़ी रामनिवास मीणा, मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी सरमथुरा रामगोपाल मीणा और जिला मंत्री नवनीत प्रिय त्रिपाठी मौजूद रहे। इनके अलावा खंड कार्यकारिणी के अध्यक्ष-मंत्री, संगठन पदाधिकारी और जिलेभर के शिक्षक शामिल हुए। सम्मेलन का समापन शिक्षक हित, संस्कार आधारित शिक्षा और गुणवत्तापूर्ण विद्यालयी शिक्षा के लिए निरंतर प्रयास करने के संकल्प के साथ हुआ।
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