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दिल्ली में चोरी के सोने-हीरे के जेवर सुपौल में मिले:जमीन खोदकर निकाला बैग; 4.34 लाख कैश बरामद, आरोपी अनिल फरार
सुपौल के प्रतापगंज थाना क्षेत्र के सुखानगर गांव में शनिवार रात दिल्ली से चोरी कर लाए गए सोने-हीरे के जेवरात और नकदी बरामद हुई। तिमारपुर थाना पुलिस ने स्थानीय पुलिस की मदद से कार्रवाई की। पुलिस के अनुसार बरामद जेवरात की बाजार कीमत करोड़ों रुपए हो सकती है। हालांकि वास्तविक कीमत जौहरी से जांच के बाद स्पष्ट होगी। कार्रवाई में 4 लाख 34 हजार 650 रुपए नकद भी बरामद हुए। रविवार शाम प्रतापगंज थाना परिसर में प्रेस कॉन्फ्रेंस में वीरपुर एसडीपीओ पवन कुमार ने बताया कि मामले का प्रमुख आरोपी अनिल कामत है। वह मरौना क्षेत्र का रहने वाला है और उसका ससुराल सुखानगर में है। दिल्ली के तिमारपुर थाने में दर्ज केस में उसकी संलिप्तता सामने आने के बाद दिल्ली पुलिस उसकी तलाश में बिहार पहुंची थी। भूसा घर से नकदी, जमीन खोदने पर मिला जेवरों का बैग दिल्ली पुलिस के एसआई अनुज ने स्थानीय पुलिस को जानकारी दी। इसके बाद थानाध्यक्ष रोशन कुमार के नेतृत्व में टीम बनाकर छापेमारी की गई। पुलिस के पहुंचने पर अनिल कामत वहां से भाग निकला। घर की तलाशी के दौरान भूसा घर से नकदी मिली। पूछताछ के बाद जमीन में गाड़कर रखे गए जेवरात की जानकारी मिली। बताए गए स्थान पर खुदाई करने पर जेवरों से भरा बैग बरामद हुआ। 5 सितंबर को दिल्ली में हुई थी चोरी दिल्ली पुलिस के अनुसार तिमारपुर थाना कांड संख्या 290/86 में 5 सितंबर को चोरी हुई थी। तिमारपुर क्षेत्र में रहने वाले अनिल कुमार गुप्ता और अनुज कुमार गुप्ता के घर को निशाना बनाया गया था। दोनों के बाहर रहने का फायदा उठाकर घर में काम करने वाले कर्मचारियों ने ताला तोड़कर चोरी की थी। सीसीटीवी और वैज्ञानिक जांच से संदिग्धों की पहचान पुलिस ने वैज्ञानिक अनुसंधान और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर संदिग्धों की पहचान की। एक आरोपी विक्की को दिल्ली में गिरफ्तार किया जा चुका है। वह फिलहाल तिहाड़ जेल में न्यायिक हिरासत में है। विक्की से पूछताछ और उसकी निशानदेही के आधार पर दिल्ली पुलिस अनिल कामत तक पहुंची। अनिल के ससुर भी हिरासत में जांच में अनिल कामत के सुखानगर स्थित ससुराल की जानकारी मिलने के बाद दिल्ली पुलिस ने प्रतापगंज पुलिस से सहयोग लिया। छापेमारी के दौरान अनिल के ससुर देवचंद्र साह को भी हिरासत में लिया गया है। पुलिस का कहना है कि बरामद सामान उसी चोरी की वारदात से संबंधित है। फरार अनिल की गिरफ्तारी के लिए दबिश एसडीपीओ ने बताया कि बरामद आभूषणों की कीमत का अंतिम निर्धारण विशेषज्ञ जौहरी करेंगे। अनुसंधानकर्ता के अनुसार इनकी कीमत करोड़ों रुपए तक हो सकती है। स्थानीय पुलिस दिल्ली पुलिस को आगे की कार्रवाई में सहयोग करेगी। फरार अनिल कामत की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। ट्रांजिट रिमांड के बाद दिल्ली ले जाएगी पुलिस गिरफ्तार आरोपी को स्थानीय न्यायालय में पेश किया जाएगा। इसके बाद ट्रांजिट रिमांड की प्रक्रिया पूरी कर उसे दिल्ली ले जाया जाएगा। अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी और चोरी की पूरी संपत्ति के मूल्यांकन की कार्रवाई दिल्ली पुलिस के अनुसंधान में शामिल है।
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