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दहेज हत्या में पति को उम्रकैद:चार अन्य को 10-10 साल की सजा, एटा कोर्ट ने सुनाया फैसला
एटा में एक विवाहिता को मिट्टी का तेल डालकर जलाने के नौ साल पुराने मामले में अदालत ने पांच आरोपियों को दोषी ठहराया है। मंगलवार को एफटीसी-02 कोर्ट ने पति जितेंद्र को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। कोर्ट ने जितेंद्र पर 24 हजार रुपये और बाकी चार दोषियों पर 14-14 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। यह मामला मलावन थाना क्षेत्र का है। वादी ने 11 अप्रैल 2017 को पुलिस को शिकायत दी थी। इसमें आरोप लगाया गया था कि 10 अप्रैल को दहेज की मांग पूरी न होने पर ससुराल वालों ने उसकी बेटी को मिट्टी का तेल डालकर आग लगा दी। शिकायत के आधार पर मलावन थाने में जितेंद्र, सुमित्रा देवी, राहुल, पंकज और रेनू के खिलाफ केस दर्ज किया गया। उन पर धारा 498ए, 304बी आईपीसी और 3/4 दहेज प्रतिषेध अधिनियम के तहत कार्रवाई हुई। दोषियों को सजा दी गई पुलिस ने जांच के दौरान सबूत जुटाए और 10 जुलाई 2017 को कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की। मुकदमे की सुनवाई के दौरान एटा के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर मॉनिटरिंग सेल और अभियोजन शाखा ने मजबूत पैरवी की। 'ऑपरेशन कन्विक्शन' के तहत इस मामले की लगातार निगरानी की गई, ताकि दोषियों को ज्यादा से ज्यादा सजा मिल सके। मंगलवार को कोर्ट के फैसले के बाद नौ साल पुराने इस दहेज हत्या मामले में पीड़ित परिवार को न्याय मिला। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि 'ऑपरेशन कन्विक्शन' के तहत ऐसे मामलों में प्रभावी पैरवी जारी रहेगी। इसका मकसद गंभीर अपराधों में दोषियों को कानून के हिसाब से कड़ी सजा दिलाना है।
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