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दो भूखंड के फर्जी दस्तावेज से लिया लाखों का लोन:इंदौर में दंपती सहित पांच लोगों पर जांच के बाद दर्ज की FIR
इंदौर की अन्नपूर्णा पुलिस ने दो भूखंडों के मामले में फर्जी दस्तावेज तैयार कर निजी बैंक से लाखों रुपए का लोन लेने के आरोप में 6 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। पीड़ित पक्ष की शिकायत पर पुलिस ने मामले की जांच के बाद यह कार्रवाई की। पुलिस के मुताबिक पंचशील नगर निवासी अंकित मिश्रा और आलोक मेहता की शिकायत पर संदीप कुमार मिश्रा निवासी डीबी सिटी फेस-1, दुर्गेश पुत्र राधेश्याम शर्मा निवासी देवास रोड, मंजू खंडेलवाल, जय खंडेलवाल और मोहम्मद अल्ताफ निवासी माणिकबाग के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। पुलिस ने बताया कि देवेंद्र नगर का एक भूखंड अंकित मिश्रा ने 15 मार्च 2023 को डॉक्टर राजकुमार श्रीवास्तव से खरीदा था। वहीं, आलोक मेहता ने भी 31 मार्च 2023 को डॉक्टर राजकुमार से एक भूखंड खरीदा था। दोनों ने भूखंडों पर कब्जा ले लिया था और राजस्व भी जमा कर रहे थे। बाद में अंकित और आलोक को पता चला कि उनके भूखंडों की रजिस्ट्री 30 मार्च 2023 को ही मंजू खंडेलवाल और उनके पति जय खंडेलवाल के नाम हो चुकी है। आरोप है कि इन भूखंडों के आधार पर 58 लाख रुपए का लोन लिया गया था। इसके बाद दोनों ने हाउसिंग फाइनेंस कंपनी के गीताभवन स्थित कार्यालय में शिकायत की। पुलिस जांच में सामने आया कि मंजू और जय ने 70 लाख रुपए के लोन के लिए आवेदन किया था। इसमें आफताब खान पैनल अधिकारी नियुक्त थे। उन्होंने 58 लाख रुपए का लोन स्वीकृत किया। इसमें 25 लाख रुपए जय के अकाउंट में डाले गए, जबकि प्रक्रिया के तहत 30 लाख रुपए दुर्गेश शर्मा के अकाउंट में ट्रांसफर किए गए। वहीं, 3 लाख रुपए अन्य खर्चों में समायोजित किए गए। फाइल की प्रक्रिया कुलदीप सिकरवार ने की थी। जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि जिन दस्तावेजों के आधार पर भूखंड दंपति को बेचे गए थे, वे रिकॉर्ड में मौजूद ही नहीं थे। इसके अलावा जिस संस्था ने कॉलोनी विकसित की थी, उसके पास भी मंजू और जय से संबंधित कोई दस्तावेज नहीं मिला। इसके बाद पुलिस ने जांच के आधार पर सभी आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है।
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