Canada's #1 Community Marketplace
Home Blog News Announcements Pricing Register Free
top

शेखपुरा में अपहरण के दो दोषियों को सजा:कार में बंधक बनाकर डॉक्टर के बेटे का किया था अपहरण,10-10 साल की सजा

📰 Bhaskar 🕐 1 min read 📅 September 14, 2026 👁 1 views
शेखपुरा में अपहरण के दो दोषियों को सजा:कार में बंधक बनाकर डॉक्टर के बेटे का किया था अपहरण,10-10 साल की सजा
शेखपुरा सिविल कोर्ट में उत्पाद मामलों के विशेष न्यायाधीश सतीश कुमार झा ने अपहरण के एक गंभीर मामले में सोमवार को दो दोषियों को 10-10 साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई। कोर्ट ने दोनों पर एक-एक लाख रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। दोषियों में मोहली थाना क्षेत्र के गोहदा गांव निवासी मंटू कुमार और नालंदा जिले के बिंद थाना क्षेत्र के इब्राहिमपुर गांव निवासी सूरज कुमार शामिल हैं। दोनों घटना के दो दिन बाद 5 अगस्त 2025 से जेल में बंद हैं। क्लीनिक जाने के दौरान मनोज को बनाया था निशाना विशेष लोक अभियोजक अरविंद कुमार के अनुसार, घटना 3 अगस्त 2025 की है। मोहली थाना क्षेत्र के गोहदा गांव निवासी ग्रामीण चिकित्सक राजो रजक का बेटा मनोज कुमार अरियरी प्रखंड मुख्यालय स्थित अपना क्लीनिक खोलने के लिए घर से निकला था। इसी दौरान कार सवार मंटू और सूरज ने अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर उसे अगवा कर लिया। आंख-मुंह और हाथ-पैर बांधकर कार में डाला आरोपियों ने मनोज की आंख, मुंह, हाथ और पैर बांध दिए और उसे कार में लेकर शेखपुरा की ओर भागने लगे। रास्ते में अचानक कार खराब हो गई। इसी दौरान हुसैनाबाद पेट्रोल पंप के पास डायल-112 की पुलिस टीम मौजूद थी। शोर सुनते ही सक्रिय हुई डायल-112 पुलिस कार के पास पुलिस की मौजूदगी के बीच मनोज ने शोर मचाना शुरू कर दिया। उसकी आवाज सुनकर पुलिस को संदेह हुआ। पुलिस ने कार्रवाई शुरू की तो आरोपी मौके से भागने लगे। पुलिस ने मनोज को उनके चंगुल से मुक्त कराया। गंभीर चोट के कारण अस्पताल में भर्ती अपहरण के दौरान मनोज के साथ मारपीट की गई थी। उसके शरीर पर गंभीर चोटें थीं। पुलिस ने उसे इलाज के लिए सदर अस्पताल में भर्ती कराया। घटना के बाद पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की। कार की तलाशी में मिली शराब पुलिस ने जिस कार से मनोज को ले जाया जा रहा था, उसकी तलाशी ली। कार से शराब बरामद हुई। शराब बरामद होने के कारण मामले का न्यायिक विचारण उत्पाद मामलों के विशेष न्यायाधीश की अदालत में हुआ। कार और मोबाइल से खुला आरोपियों का राज कार के मालिक का सत्यापन करने के दौरान पुलिस को आरोपियों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिली। पुलिस ने कार और मोबाइल से मिली तकनीकी जानकारी के आधार पर आरोपियों की पहचान की और उन्हें गिरफ्तार कर लिया। पीड़ित के बयान पर दर्ज हुई प्राथमिकी मनोज कुमार के बयान के आधार पर मोहली थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई। पुलिस ने मामले की जांच पूरी करने के बाद न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। अनुसंधान के दौरान पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों को भी जांच का हिस्सा बनाया। 13 गवाहों की गवाही से मजबूत हुआ अभियोजन विशेष लोक अभियोजक अरविंद कुमार ने बताया कि अभियोजन पक्ष ने प्रभावी तरीके से न्यायालय में साक्ष्य प्रस्तुत किए। पीड़ित, उसके परिजनों, पुलिस पदाधिकारियों समेत कुल 13 लोगों की गवाही कोर्ट में दर्ज कराई गई। तकनीकी सेल के अधिकारी और अन्य पुलिस पदाधिकारियों के साक्ष्य भी न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किए गए। 28 अगस्त को दोनों दोषी करार न्यायिक प्रक्रिया के दौरान न्यायाधीश ने मामले को गंभीर अपराध माना। पिछले महीने 28 अगस्त को कोर्ट ने मंटू कुमार और सूरज कुमार को दोषी करार दिया था। सोमवार को दोनों को कड़ी सुरक्षा के बीच सजा के बिंदु पर सुनवाई के लिए अदालत में पेश किया गया। सजा के बिंदु पर दोषियों के अधिवक्ताओं ने लंबी दलील पेश की। बचाव पक्ष ने दोनों का यह पहला दोष बताते हुए न्यायालय से कम से कम सजा देने की गुहार लगाई। अभियोजन ने कड़ी सजा की मांग की वहीं, विशेष लोक अभियोजक अरविंद कुमार ने इसे समाज के प्रति गंभीर अपराध बताते हुए दोनों दोषियों को कड़ी सजा देने की मांग की। अभियोजन ने कहा कि ऐसी सजा होनी चाहिए, जिससे कानून-व्यवस्था के प्रति लोगों का भरोसा मजबूत रहे और भविष्य में किसी को अपहरण जैसे अपराध की हिम्मत न हो। अलग-अलग धाराओं में भी सुनाई गई सजा कोर्ट ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 127(2), 109 और 140 तथा उत्पाद अधिनियम की धारा 30ए के तहत दोषियों को दंडित किया। धारा 140 के तहत 10 साल की सजा और उत्पाद अधिनियम की धारा 30ए के तहत पांच साल के सश्रम कारावास के साथ एक-एक लाख रुपये का अर्थदंड लगाया गया। अन्य धाराओं में भी सजा और अर्थदंड का प्रावधान किया गया है। खुली अदालत में सजा, फिर मंडल कारा भेजे गए अदालत में सजा सुनाए जाने के बाद दोनों दोषियों को सुरक्षा के बीच दोबारा मंडल कारा भेज दिया गया। मामले में पुलिस की त्वरित कार्रवाई, तकनीकी साक्ष्य और अभियोजन की गवाही को महत्वपूर्ण माना गया।
Read full article on Bhaskar

Related News

🤖
GoBazaar Assistant
Search listings, jobs, events & more
👋 Hi! I can help you find anything on GoBazaar.
Try asking me something like:
"Room for rent under $800 in Calgary"
Select Location
All Canada
Alberta
British Columbia
Manitoba
New Brunswick
Nova Scotia
Ontario
Quebec
Saskatchewan