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SDO का फैसला 24 घंटे में बदला:सीवान के उज्जैन बंगरा में धारा-163 हटाने के बाद फिर लागू
सीवान के आंदर थाना क्षेत्र के उज्जैन बंगरा गांव में जातीय तनाव को लेकर प्रशासन के फैसले ने अब सवाल खड़े कर दिए हैं। जिस निषेधाज्ञा को सदर एसडीओ आशुतोष गुप्ता ने बीते गुरुवार को यह मानते हुए निरस्त कर दिया कि अब इसकी आवश्यकता नहीं है, उसी आदेश को महज 24 घंटे के भीतर फिर से लागू करना पड़ा। हथियार लेकर चलने पर प्रतिबंध लगाया था आंदर थाना प्रभारी की ओर से क्षेत्र की स्थिति अभी भी अनियंत्रित होने की सूचना दिए जाने के बाद एसडीओ ने 31 अगस्त तक के लिए दोबारा BNSS की धारा-163 लागू कर दी है। बताया जा रहा है कि उज्जैन बंगरा में वायरल वीडियो के बाद दोनों पक्षों के बीच तनाव की स्थिति बनी थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने पहले BNSS की धारा-163 लागू की थी। इसके तहत पांच या उससे अधिक लोगों के अनावश्यक रूप से एकत्रित होने, भड़काऊ भाषण, नारेबाजी, अफवाह फैलाने तथा लाठी-डंडे या हथियार लेकर चलने पर प्रतिबंध लगाया गया था। बीते गुरुवार को एसडीओ ने आदेश जारी कर इस निषेधाज्ञा को निरस्त कर दिया। 31 अगस्त तक प्रभावी रहेगा नया आदेश लेकिन आदेश निरस्त होने के बाद आंदर थाना प्रभारी ने एसडीओ को सूचना दी कि क्षेत्र में स्थिति अभी भी सामान्य नहीं है और तनाव की आशंका बनी हुई है। पुलिस की सूचना के बाद प्रशासन ने अपने ही पिछले फैसले को पलटते हुए दोबारा धारा-163 लागू कर दी। नया आदेश 31 अगस्त तक प्रभावी रहेगा। हालांकि अनिवार्य सेवाओं को इससे बाहर रखा गया है। प्रशासन का कहना है कि निषेधाज्ञा का उद्देश्य क्षेत्र में शांति एवं विधि-व्यवस्था बनाए रखना और किसी भी अप्रिय स्थिति को रोकना है। लेकिन 24 घंटे के भीतर आदेश को निरस्त करने और फिर दोबारा लागू करने की इस पूरी प्रक्रिया ने प्रशासनिक निर्णय लेने के तरीके पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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