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संत रविदास जयंती वर्ष पर धार में समरसता संकल्प अभियान की शुरुआत,10 सितंबर तक सातों विधानसभा क्षेत्रों में पहुंचेगी कलश वंदन यात्रा
धार से रवाना हुआ समरसता रथ,गांव-गांव पहुंचेगा समानता और सामाजिक एकता का संदेश धार। संत रविदास की 650वीं जयंती वर्ष के अवसर पर धार जिले में सामाजिक समरसता और समानता का संदेश जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से जिला स्तरीय समरसता संकल्प अभियान एवं कलश वंदन यात्रा का शुभारंभ किया गया। जनजातीय कार्य विभाग के सहयोग से पीएमश्री महाविद्यालय ऑडिटोरियम,धार में आयोजित कार्यक्रम से कलश वंदन यात्रा को पूरे जिले के लिए रवाना किया गया। यह यात्रा 10 सितंबर तक जिले की सातों विधानसभा क्षेत्रों और 39 मंडलों में पहुंचकर सामाजिक एकता का संदेश देगी। पूजा-अर्चना के साथ हुई यात्रा की शुरुआत कार्यक्रम की शुरुआत संत रविदास के चित्र के पूजन-अर्चन और कलशों की विधिवत पूजा के साथ हुई। इसके बाद अतिथियों ने विभिन्न मंडलों के अध्यक्षों को समरसता संकल्प के कलश सौंपे। सभी कलशों को विशेष रथ में स्थापित कर धार्मिक विधि-विधान के साथ यात्रा को रवाना किया गया। कार्यक्रम में विधायक नीना वर्मा,जिला पंचायत अध्यक्ष सरदार सिंह मेड़ा,गणपत डाबी,राधेश्याम यादव,निलेश भारती,चंचल पाटीदार सहित संत,मंदिर पुजारी,जनप्रतिनिधि,कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में समाजजन मौजूद रहे। समरसता ही भारत की सबसे बड़ी ताकत: गणपत डाबी कार्यक्रम को संबोधित करते हुए गणपत डाबी ने कहा कि वर्तमान समय में देश के विभिन्न हिस्सों में सामाजिक विभाजन और कटुता जैसी परिस्थितियां देखने को मिल रही हैं। ऐसे समय में समाज को जोड़ने का सबसे प्रभावी माध्यम समरसता है। उन्होंने कहा कि संत रविदास ने समाज को समानता, मानवता और भाईचारे का संदेश दिया था। उनका मानना था कि जब तक समाज में समरसता नहीं होगी, तब तक 140 करोड़ नागरिकों की एकता मजबूत नहीं हो सकती। उन्होंने कहा कि यह अभियान गांव-गांव तक सामाजिक एकता का संदेश पहुंचाने का प्रयास है। संत रविदास की वाणी आज भी समाज को देती है नई दिशा कार्यक्रम में निलेश भारती ने कहा कि संत रविदास ने जात-पात और ऊंच-नीच जैसी सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ संघर्ष करते हुए समाज को समानता का मार्ग दिखाया। उन्होंने संत रविदास की प्रसिद्ध वाणी "मन चंगा तो कठौती में गंगा" का उल्लेख करते हुए कहा कि सच्ची पवित्रता और भक्ति व्यक्ति के मन में होती है, बाहरी आडंबर में नहीं। उन्होंने कहा कि संत रविदास का जीवन आज भी समाज को भेदभाव छोड़कर मानवता और समरसता के रास्ते पर चलने की प्रेरणा देता है। 10 सितंबर तक सातों विधानसभा क्षेत्रों में पहुंचेगा अभियान जनजातीय कार्य विभाग की सहायक आयुक्त परुल जैन ने बताया कि समरसता संकल्प अभियान के तहत निकाली गई कलश वंदन यात्रा जिले की सातों विधानसभा क्षेत्रों में भ्रमण करेगी। आगामी 10 सितंबर तक यह यात्रा 39 मंडलों के माध्यम से गांव-गांव पहुंचेगी और संत रविदास के सामाजिक समरसता, समानता और भाईचारे के संदेश को जन-जन तक पहुंचाएगी। कार्यक्रम का संचालन प्रवीण शर्मा ने किया। क्यों खास है यह अभियान? संत रविदास की 650वीं जयंती वर्ष के अवसर पर शुरू हुआ यह अभियान सामाजिक समरसता,समानता और भाईचारे का संदेश लेकर पूरे धार जिले में पहुंच रहा है। कलश वंदन यात्रा के माध्यम से सातों विधानसभा क्षेत्रों के गांवों तक लोगों को एकता और सामाजिक सद्भाव का संदेश देने का प्रयास किया जाएगा।
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