politics
सपा से सांसद रहे अमीर आलम बेटे सहित कांग्रेस में:अजय राय की मौजूदगी में नई दिल्ली में कांग्रेस मुख्यालय पर ली सदस्यता
उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस ने आजाद समाज पार्टी को बड़ा झटका दिया है। सपा से सांसद रह चुके अमीर आलम और उनके बेटे, पूर्व विधायक नवाजिश आलम बुधवार को नई दिल्ली स्थित कांग्रेस मुख्यालय पहुंचे और पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। उनके साथ उनके समर्थकों और विभिन्न दलों के कई नेताओं ने भी कांग्रेस का दामन थामा। यूपी कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय की मौजूदगी में इन नेताओं ने पार्टी की सदस्यता ली। अजय राय ने नए सदस्यों का स्वागत करते हुए कहा कि उनके जुड़ने से संगठन को नई ऊर्जा और मजबूती मिलेगी। पार्टी ने संविधान, लोकतंत्र, सामाजिक न्याय और जनहित के मुद्दों को मजबूती से उठाने की बात कही। पश्चिमी यूपी की राजनीति में अहम माना जा रहा प्रवेश अमीर आलम पश्चिमी उत्तर प्रदेश की राजनीति में लंबे समय से सक्रिय रहे हैं। उनका ताल्लुक मुजफ्फरनगर-शामली क्षेत्र, खासकर गढ़ीपुख्ता के एक पुराने सियासी परिवार से हैं। परिवार का मुस्लिम वोटबैंक और स्थानीय प्रभाव लंबे समय से रहा है। अमीर आलम खुद 1985 से सक्रिय रहे हैं। वे थानाभवन, मोरना से विधायक, कैराना से सांसद, सपा से राज्यसभा सदस्य रह चुके हैं। नवाजिश आलम खान बड़े बेटे हैं। 2012 में वे समाजवादी पार्टी के टिकट पर बुढ़ाना विधानसभा सीट से पहली बार विधायक चुने गए। मुजफ्फरनगर दंगों के बाद परिवार सपा से दूर वर्ष 2013-14 के आसपास मुजफ्फरनगर दंगों के बाद परिवार सपा से दूर हुआ। नवाजिश आलम कुछ विवादों में भी चर्चा में रहे। 2017 में नवाजिश बसपा के टिकट पर मीरापुर विधानसभा सीट से चुनाव लड़े, लेकिन हार गए। 2018 में पिता अमीर आलम के साथ राष्ट्रीय लोक दल (रालोद) में शामिल हुए। 2019, 2022 और 2024 के चुनावों में टिकट की दावेदारी की, लेकिन पार्टी ने टिकट नहीं दिया। फरवरी 2025 में रालोद छोड़कर चंद्रशेखर आजाद की आजाद समाज पार्टी (ASP) में शामिल हुए। 18 सितंबर 2026 को पिता–पुत्र ने आसपा से इस्तीफा दे दिया था। अब पिता–पुत्र कांग्रेस में शामिल हो चुके हैं। 2027 के विधानसभा चुनाव में नवाजिश कांग्रेस के टिकट पर लड़ने की तैयारी में हैं।
Read full article on Bhaskar