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रीवा के अवधेश प्रताप सिंह विश्वविद्यालय में अभाविप का धरना:परीक्षा परिणाम में देरी, छात्रवृत्ति और मूलभूत सुविधाओं को लेकर प्रदर्शन
रीवा के अवधेश प्रताप सिंह विश्वविद्यालय की विभिन्न समस्याओं को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) के कार्यकर्ताओं ने बुधवार शाम विश्वविद्यालय परिसर में धरना दिया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए विद्यार्थियों से जुड़ी समस्याओं के शीघ्र निराकरण की मांग की। प्रदर्शन के बाद परिषद ने कुलगुरु को 16 सूत्रीय ज्ञापन सौंपा। अभाविप ने विश्वविद्यालय में परीक्षा परिणाम जारी करने में हो रही देरी और परिणामों की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठाए। परिषद ने आउटसोर्सिंग एजेंसियों की कार्यप्रणाली की समीक्षा करने की मांग की। कार्यकर्ताओं का कहना है कि जरूरत पड़ने पर पूर्व की तरह विश्वविद्यालय स्तर पर ही परीक्षा परिणाम तैयार कराने की व्यवस्था लागू की जानी चाहिए। प्रदर्शनकारियों ने विश्वविद्यालय परिसर में कैंटीन शुरू करने, छात्रवृत्ति के लिए अलग प्रकोष्ठ बनाने और रिक्त शैक्षणिक पदों पर भर्ती करने की मांग की। परिषद के अनुसार विश्वविद्यालय में 7 हजार से अधिक विद्यार्थी पहचान पत्र से वंचित हैं। सभी विद्यार्थियों को पहचान पत्र उपलब्ध कराने की मांग भी ज्ञापन में शामिल रही। वाई-फाई, कंप्यूटर लैब और साफ-सफाई के मुद्दे उठाए विद्यार्थियों ने नि:शुल्क वाई-फाई सुविधा उपलब्ध कराने और कंप्यूटर लैब में पर्याप्त संसाधन बढ़ाने की मांग की। इसके अलावा स्वच्छ पेयजल, कक्षाओं और शौचालयों की नियमित साफ-सफाई जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग भी उठाई गई। ज्ञापन में परीक्षा एवं मूल्यांकन व्यवस्था में सुधार, लंबित जांच रिपोर्ट सार्वजनिक करने और एनईपी तृतीय वर्ष के परीक्षा परिणाम जारी करने की मांग की गई। इसके अलावा बीफार्मा विद्यार्थियों को अंकसूची उपलब्ध कराने और डीईटी-2024 की उत्तर कुंजी को लेकर विद्यार्थियों के अभ्यावेदन पर कार्रवाई की मांग रखी गई। क्रय प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं की जांच की मांग भी ज्ञापन में शामिल रही। एक सप्ताह में कार्रवाई नहीं तो आंदोलन की चेतावनी प्रांत सह मंत्री पवन द्विवेदी ने कहा कि विद्यार्थियों की समस्याओं का समाधान समयबद्ध तरीके से होना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रशासन को एक सप्ताह के भीतर ठोस कार्रवाई करनी होगी। ऐसा नहीं होने पर विद्यार्थी परिषद आंदोलन को आगे बढ़ाएगी। नगर मंत्री कार्तिकेय तिवारी और विश्वविद्यालय इकाई मंत्री दीपा तोमर ने भी विद्यार्थियों की समस्याओं के शीघ्र निराकरण की मांग की।
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