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राहुल गांधी ने कैलारस शुगर मिल आंदोलन को दिया समर्थन:7 दिनों से आमरण अनशनरत विधायक से वीडियो कॉल पर की बात
मध्य प्रदेश के मुरैना जिले में स्थित बंद पड़ी कैलारस शुगर मिल को दोबारा शुरू कराने की मांग अब राष्ट्रीय स्तर पर गूंजने लगी है। जौरा विधानसभा सीट से कांग्रेस विधायक पंकज उपाध्याय पिछले 7 दिनों से (15 अगस्त से) मिल परिसर में आमरण अनशन पर बैठे हैं। इस बीच, शुक्रवार को कांग्रेस नेता और लोकसभा नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सीधे अनशन स्थल पर वीडियो कॉल के जरिए बातचीत की और आंदोलन को अपना पूरा समर्थन दिया है। 'भारत जोड़ो यात्रा' से मिली हक के लिए लड़ने की प्रेरणा: विधायक वीडियो कॉल पर बातचीत के दौरान भावुक और दृढ़ नजर आ रहे विधायक पंकज उपाध्याय ने राहुल गांधी से कहा, "आपने कन्याकुमारी से कश्मीर तक जो 'भारत जोड़ो यात्रा' की थी, उससे हम सभी को जनता के हक के लिए लड़ने का साहस मिला है। आप देश और किसानों के लिए रोज संसद से सड़क तक लड़ते हैं, हम आपके ही फॉलोअर हैं।" राहुल गांधी ने विधायक की हौसलाअफजाई करते हुए उनकी सेहत का हाल जाना और किसानों के इस हक की लड़ाई को मजबूती से लड़ने की बात कही। जीतू पटवारी ने कहा सरकार नहीं मानी तो जुटेंगे 1 लाख किसान, राहुल गांधी को आमंत्रण' इसी बातचीत के दौरान मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष (PCC चीफ) जीतू पटवारी ने भी राहुल गांधी को जमीनी हकीकत से अवगत कराया। जीतू पटवारी ने दोटूक शब्दों में कहा- “दो बातें साफ हैं; पहली तो यह कि अगर यह भाजपा सरकार समय रहते मान जाती है और मिल चालू करती है तो ठीक है। नहीं तो, हम यहाँ 1 लाख किसानों को इकट्ठा करेंगे और एक बड़ा आंदोलन खड़ा करेंगे।” पटवारी ने इस आगामी महारैली और आंदोलन के लिए राहुल गांधी को मध्य प्रदेश आने का न्योता देते हुए कहा कि किसानों के इस महासंग्राम में आपको खुद आना होगा। राहुल गांधी की दो शब्दों में हरी झंडी- ठीक है, आप करो मध्य प्रदेश कांग्रेस की इस आक्रामक रणनीति और 1 लाख किसानों को जुटाने के प्लान पर राहुल गांधी ने तुरंत सहमति दे दी। उन्होंने प्रदेश नेतृत्व का हौसला बढ़ाते हुए स्पष्ट शब्दों में कहा- "ठीक है, आप करो।" राहुल गांधी की इस 'हरी झंडी' के बाद अब यह स्थानीय आंदोलन एक बड़े राजनीतिक और किसान आंदोलन में बदलने जा रहा है। क्यों सुलग रहा है कैलारस शुगर मिल का मुद्दा? कैलारस शक्कर कारखाना चंबल अंचल के हजारों गन्ना किसानों और मजदूरों की आजीविका का मुख्य जरिया था, जो पिछले कई सालों से बंद पड़ा है। कांग्रेस का आरोप है कि भाजपा सरकार हर बार इसे चालू करने का केवल झूठा आश्वासन देती है। अब राहुल गांधी के इस दखल के बाद, आने वाले दिनों में यह आंदोलन मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार के लिए एक बड़ी चुनौती बनने वाला है। आंदोलन को धार देने और विधायक का हौसला बढ़ाने के लिए मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष (PCC चीफ) जीतू पटवारी खुद कैलारस पहुंचे। अनशन स्थल पर मौजूद जनसैलाब और मीडिया को संबोधित करते हुए जीतू पटवारी ने विधायक पंकज उपाध्याय के संघर्ष की जमकर सराहना की और भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला। "जब से विधायक बने हैं, तब से लड़ रहे हैं किसानों की लड़ाई" जीतू पटवारी ने अनशनकारी विधायक पंकज उपाध्याय की प्रतिबद्धता को रेखांकित करते हुए कहा: “पंकज उपाध्याय पिछले 7 दिनों से अन्न-जल त्यागकर क्षेत्र के किसानों की लड़ाई लड़ रहे हैं। इस क्षेत्र के जो किसान हैं, उनकी लड़ाई पंकज विधानसभा में जब से विधायक बने हैं, तब से लगातार उठा रहे हैं। उन्होंने क्षेत्र में पहले भी कई बार आंदोलन किए हैं, लेकिन यह आमरण अनशन एक बड़ा मैसेज है।” पटवारी ने आगे कहा कि यह अनशन इस बात का जीवंत प्रमाण है कि कांग्रेस पार्टी का एक जनप्रतिनिधि जनता के हक के लिए किस हद तक समर्पित रह सकता है। उन्होंने कहा कि जब सरकार बहरी हो जाए, तो जनता के प्रतिनिधि को इसी तरह अपनी जान दांव पर लगानी पड़ती है। अखिलेश यादव ने भी की विधायक से फोन पर बात सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भी विधायक पंकज उपाध्याय से मोबाइल फोन पर चर्चा कर उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि यह सरकार किसान विरोधी है और अमेरिका के साथ किसानों के हितों के खिलाफ ट्रेड डील की गई है। शुगर मिलों के बंद होने के कारण चीनी का उत्पादन प्रभावित हो रहा है और चीनी के दाम लगातार बढ़ रहे हैं। समाजवादी पार्टी किसानों के इस आंदोलन के साथ खड़ी है और विधायक पंकज उपाध्याय के संघर्ष का पूरा समर्थन करती है। 22 अगस्त को मुरैना जिला बंद का आह्वान जीतू पटवारी ने कहा कि यदि सरकार इस विषय पर कोई उचित निर्णय नहीं लेती है, तो संघर्ष समिति, मुरैना जिले के नागरिकों, व्यापारियों, किसानों और युवा साथियों द्वारा 22 अगस्त को मुरैना जिला बंद का आह्वान किया गया है। यह लड़ाई केवल मुरैना, कैलारस या जौरा की नहीं है, बल्कि पूरे चंबल क्षेत्र की लड़ाई है। चंबल के अनगिनत किसान इस शुगर मिल में अपना गन्ना लेकर आते थे और मिल बंद होने के कारण आज सीधे तौर पर प्रभावित और प्रताड़ित हो रहे हैं। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि आज शाम 6 बजे तक शुगर मिल को लेकर सकारात्मक निर्णय लिया जाए, अन्यथा 22 अगस्त को मुरैना बंद रहेगा।
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