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PM Kisan: 4 भाइयों के नाम है जमीन तो क्या सभी को मिलेगा ₹6,000 का लाभ? जानें क्या कहता है PM Kisan का नियम
PM Kisan: प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि यानी PM-KISAN देश के किसानों के लिए केंद्र सरकार की प्रमुख आर्थिक सहायता योजना है। इसके तहत पात्र किसान परिवारों को सालाना ₹6,000 की आर्थिक सहायता तीन बराबर किस्तों में दी जाती है। योजना का पैसा सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में ट्रांसफर किया जाता है। कई परिवारों में पिता या दादा की जमीन विरासत में मिलने के बाद भाइयों के नाम दर्ज हो जाती है। ऐसे में अक्सर सवाल उठता है कि अगर चार सगे भाइयों के नाम जमीन है और सभी एक ही घर में रहते हैं, तो क्या चारों को PM-KISAN की अलग-अलग किस्त मिलेगी? इसका जवाब समझने के लिए सबसे पहले PM-KISAN में इस्तेमाल होने वाली 'किसान परिवार' की परिभाषा को समझना जरूरी है। PM-KISAN में परिवार की परिभाषा क्या है PM-KISAN की आधिकारिक गाइडलाइन के मुताबिक किसान परिवार में पति, पत्नी और नाबालिग बच्चे शामिल होते हैं, जिनके पास राज्य या केंद्र शासित प्रदेश के जमीन रिकॉर्ड के अनुसार खेती योग्य जमीन होती है। योजना में लाभार्थियों की पहचान के लिए मौजूदा भूमि रिकॉर्ड का इस्तेमाल किया जाता है। इसलिए सिर्फ यह तथ्य कि चार भाई एक ही घर में रहते हैं, अपने आप यह तय नहीं करता कि चारों एक ही PM-KISAN परिवार माने जाएंगे। पात्रता मुख्य रूप से आधिकारिक भूमि रिकॉर्ड और योजना की अन्य शर्तों पर निर्भर करती है। चारों भाइयों के नाम अलग-अलग जमीन है तो क्या होगा अगर पुश्तैनी जमीन का कानूनी बंटवारा हो चुका है और चारों भाइयों के अलग-अलग हिस्से के मालिकाना हक जमीन के आधिकारिक रिकॉर्ड में दर्ज हैं, तो प्रत्येक भाई की पात्रता उसके अपने भूमि रिकॉर्ड और PM-KISAN की दूसरी पात्रता शर्तों के आधार पर तय की जा सकती है। यानी केवल एक ही परिवार या घर में रहने की वजह से चारों भाइयों को स्वतः एक ही लाभार्थी नहीं माना जा सकता। जमीन के रिकॉर्ड में किसका कितना और किस प्रकार का मालिकाना हक दर्ज है, यह महत्वपूर्ण है। PM-KISAN में लाभ की पहचान के लिए राज्य के भूमि रिकॉर्ड का इस्तेमाल किया जाता है। अगर जमीन अभी भी संयुक्त है तो क्या होगा अगर जमीन का बंटवारा कानूनी रूप से नहीं हुआ है और रिकॉर्ड में जमीन अभी भी संयुक्त रूप से दर्ज है, तो मामला अलग हो सकता है। ऐसे मामलों में संबंधित राजस्व रिकॉर्ड के आधार पर पात्रता तय होगी। इसलिए यह कहना सही नहीं होगा कि हर स्थिति में चार भाइयों को चार अलग-अलग किस्तें मिलेंगी। अंतिम पात्रता जमीन के रिकॉर्ड, परिवार की स्थिति और PM-KISAN की लागू शर्तों के अनुसार तय होती है। जमीन का नामांतरण क्यों जरूरी है अगर विरासत में मिली जमीन भाइयों के बीच वास्तव में बांट दी गई है, लेकिन सरकारी रिकॉर्ड में अभी भी पुराने मालिक का नाम या संयुक्त स्वामित्व दर्ज है, तो रिकॉर्ड को अपडेट कराना महत्वपूर्ण है। इसके लिए किसान संबंधित राजस्व विभाग या स्थानीय अधिकारी से भूमि रिकॉर्ड में नामांतरण और हिस्सेदारी दर्ज कराने की प्रक्रिया के बारे में जानकारी ले सकते हैं। इसके बाद PM-KISAN में भी सही भूमि रिकॉर्ड के आधार पर विवरण अपडेट कराया जा सकता है। PM-KISAN की आधिकारिक जानकारी के अनुसार राज्य सरकार और केंद्र शासित प्रदेश प्रशासन पात्र किसान परिवारों की पहचान करते हैं। यह भी पढ़ें: Rajgarh ASI Firing: राजगढ़ में ASI ने 4 लोगों पर चलाई गोलियां, एक की मौत, 3 घायल, जमीन विवाद में 3 दिन पहले दी थी धमकी सिर्फ जमीन होना ही काफी नहीं यह भी ध्यान रखना जरूरी है कि जमीन के नाम दर्ज होने मात्र से PM-KISAN का लाभ पक्का नहीं हो जाता। योजना में कई अपात्रता की श्रेणियां भी हैं। उदाहरण के लिए, कुछ संवैधानिक पदों पर रहे लोग, कुछ सरकारी कर्मचारी और पेंशनर, आयकरदाता तथा कुछ पेशेवर वर्ग योजना की निर्धारित शर्तों के तहत अपात्र हो सकते हैं। इसलिए चार भाइयों के नाम जमीन होने की स्थिति में भी हर भाई को अपनी पात्रता अलग से देखनी होगी। यह भी पढ़ें: CG Junior Women Hockey Team: छत्तीसगढ़ हॉकी जूनियर विमेंस टीम में पंडरीपानी खेलो इंडिया सेंटर की 3 खिलाड़ी शामिल, एमपी से पहला मुकाबला e-KYC भी है जरूरी PM-KISAN के आधिकारिक पोर्टल के अनुसार पंजीकृत किसानों के लिए e-KYC अनिवार्य है। पोर्टल पर यह भी बताया गया है कि एक से अधिक परिवार सदस्यों के लाभ लेने वाले संदिग्ध मामलों की जांच की जा सकती है और सत्यापन पूरा होने तक भुगतान रोका जा सकता है। ऐसे में किसानों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि उनका आधार, बैंक खाता, भूमि रिकॉर्ड और PM-KISAN में दर्ज जानकारी सही और अपडेटेड हो। यह भी पढ़ें: भोपाल में पुलिसकर्मियों से मारपीट: पैगाम-ए-मोहब्बत जुलूस में फाड़ी वर्दी, दो आरोपियों की तलाश में जुटी पुलिस आवेदन या रिकॉर्ड में दिक्कत हो तो कहां जाएं अगर किसी भाई का नाम जमीन के रिकॉर्ड में दर्ज है लेकिन PM-KISAN में पात्रता या आवेदन को लेकर समस्या आ रही है, तो वह संबंधित कृषि विभाग, राजस्व विभाग या CSC से सहायता ले सकता है। साथ ही PM-KISAN के आधिकारिक पोर्टल पर अपना स्टेटस और उपलब्ध जानकारी भी जांची जा सकती है। सीधी बात: चार भाइयों के नाम जमीन होने पर सिर्फ एक घर में रहने के आधार पर यह तय नहीं किया जा सकता कि केवल एक को ही लाभ मिलेगा या चारों को। PM-KISAN में परिवार की परिभाषा और भूमि रिकॉर्ड दोनों महत्वपूर्ण हैं। यदि भाइयों की जमीन का स्वामित्व आधिकारिक रिकॉर्ड में अलग-अलग है, तो प्रत्येक की पात्रता उसके अपने रिकॉर्ड और योजना की अन्य शर्तों के आधार पर देखी जाएगी। यह भी पढ़ें: MP Monsoon Rain Forecast: MP Weather: मध्यप्रदेश में अगले 5 दिन जमकर बारिश ! इन जिलों में हैवी रेन अलर्ट | IMD Update
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