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पयाम-ए-इंसानियत फोरम ने बंदियों को कराया रिहा:झांसी जेल में आर्थिक हालातों के चलते काट रहे थे अतिरिक्त सजा, कसम लेकर घर भेजा
झांसी जिला जेल में आर्थिक तंगी के चलते सजा पूरी होने के बाद भी तीन दोषसिद्ध बंदियों की रिहाई नहीं हो पा रही थी। ऐसे में ऑल इंडिया पयाम-ए-इंसानियत फोरम ने तीनों का कुल 12,500 रुपए का अर्थदंड जमा कर रिहाई का रास्ता साफ कर दिया। गुरुवार को इनमें से मुख्तार नाम के बंदी को कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद जेल से रिहा कर दिया गया। वहीं, अन्य दो बंदियों की रिहाई भी तय हो गई है, जिन्हें करीब सात दिन बाद जेल से बाहर किया जाएगा। फोरम के झांसी कॉर्डिनेटर मुफ़्ती इमरान नदवी ने बताया कि बीएनएस की धारा 506 में दोषसिद्ध मुख्तार पर कोर्ट ने 3,500 रुपए, जीएसटी एक्ट में दोषसिद्ध बंटी पर 5,000 रुपए और धारा 305 व 317 (2) में दोषसिद्ध सुरेश वर्मा पर 4,000 रुपए का अर्थदंड लगाया था। तीनों अपनी मूल सजा पूरी कर चुके थे, लेकिन आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण जुर्माना नहीं भर पा रहे थे। इसके चलते उन्हें अतिरिक्त कारावास भोगना पड़ रहा था। फोरम को जब इसकी जानकारी मिली तो संस्था ने तीनों का अर्थदंड जमा कर दिया। इसके बाद गुरुवार को मुख्तार की रिहाई की कानूनी प्रक्रिया पूरी कर उसे जेल से बाहर लाया गया। जेल गेट पर दिलाई जिम्मेदार नागरिक बनने की कसम मुख्तार की रिहाई के दौरान जेल गेट पर ही फोरम के पदाधिकारियों ने उससे दोबारा अपराध न करने का संकल्प लिया। वरिष्ठ जेल अधीक्षक विनोद कुमार, कारापाल अंजनी कुमार गुप्ता, उप कारापाल मोनिका सचान, संस्था के सदस्य मजहर खान और समीर खान की मौजूदगी में मुफ़्ती इमरान नदवी ने मुख्तार से कहा कि जेल से बाहर निकलने के बाद वह जिम्मेदार नागरिक की तरह जीवन बिताए और ऐसा कोई काम न करे, जिसके कारण उसे दोबारा जेल आना पड़े। इसके बाद उसकी काउंसिलिंग कर उसे घर भेज दिया गया। मुफ्ती इमरान नदवी ने बताया कि फोरम लंबे समय से आर्थिक रूप से कमजोर लोगों की मदद कर रहा है। संस्था अबतक 60 ऐसे बंदियों की रिहाई में भी सहयोग कर चुकी है, जो जघन्य अपराधों में शामिल नहीं हैं और आदतन अपराधी भी नहीं हैं।
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