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पटाखा फैक्ट्री में लाइसेंस से 25 गुना कच्चा माल मिला:बिजनौर में 2 गिरफ्तार, 39 क्विंटल 59 किलो सुतली बम और 13 कारतूस बरामद; फैक्ट्री सील
बिजनौर के हीमपुर दीपा थाना क्षेत्र के चौंकपुरी में पुलिस ने सोमवार को बजरंग फायर वर्क्स पटाखा फैक्ट्री पर छापा मारकर 1237 किलो विस्फोटक कच्चा माल बरामद किया। फैक्ट्री के लाइसेंस में एक बार में सिर्फ 50 किलो कच्चा माल रखने की अनुमति थी। पुलिस ने मौके से 39 क्विंटल 59 किलो सुतली बम, 13 कारतूस और 23 खाली खोखे भी बरामद किए हैं। फैक्ट्री को सील कर दिया गया है और लाइसेंस रद्द करने के लिए रिपोर्ट भेजी गई है। मामले में फैक्ट्री संचालक दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। एल्युमीनियम, गंधक और पोटेशियम नाइट्रेट बरामद सोमवार शाम करीब 3:30 बजे एसपी केके बिश्नोई ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मोहम्मद यूसुफ निवासी मोहल्ला पीर शहीद काला, नहटौर और गुफरान अहमद अंसारी निवासी नहटौर के रूप में हुई है। फैक्ट्री से 130 किलो एल्युमीनियम पाउडर, 559 किलो गंधक और 548 किलो पोटेशियम नाइट्रेट बरामद हुआ। तीनों की कुल मात्रा 1237 किलो है। पुलिस के मुताबिक, इतनी मात्रा में कच्चा माल रखने की अनुमति लाइसेंस में नहीं थी। राजस्व विभाग, अग्निशमन विभाग और फील्ड यूनिट की टीम ने संयुक्त रूप से फैक्ट्री की जांच की। 400 किलो तैयार आतिशबाजी की अनुमति, मिली 39 क्विंटल से ज्यादा पुलिस के अनुसार, फैक्ट्री के लाइसेंस में तैयार आतिशबाजी रखने की अधिकतम सीमा 400 किलो निर्धारित थी। इसके बावजूद मौके से 39 क्विंटल 59 किलो सुतली बम बरामद हुए। पुलिस ने फैक्ट्री से 13 कारतूस और 23 खाली खोखे भी बरामद किए हैं। एसपी के मुताबिक, पूछताछ में कारतूस तैयार किए जाने और दूसरे व्यक्ति को सप्लाई किए जाने की जानकारी सामने आई है। पुलिस इस पहलू की भी जांच कर रही है। आशीष बालियान के नाम था लाइसेंस जांच में सामने आया कि फैक्ट्री का लाइसेंस आशीष बालियान के नाम पर है। पुलिस के मुताबिक, फैक्ट्री को किराए पर लेकर मोहम्मद यूसुफ और गुफरान अहमद चला रहे थे। पुलिस का कहना है कि आतिशबाजी बनाने के लिए कच्चा माल बिना पक्के बिल के खरीदा जाता था। तैयार आतिशबाजी भी कथित तौर पर बिना बिल के दूसरे राज्यों में बेची जा रही थी। पुलिस को खरीद-बिक्री का पूरा रिकॉर्ड नहीं मिला है। सऊदी में रहने वाले भाई पर भी जांच पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपी गुफरान अहमद का भाई रिजवान अंसारी सऊदी अरब में रहता है। पुलिस का दावा है कि रिजवान इस कारोबार में रकम लगाता था और गुफरान उसके लिए पैसे लाने का काम करता था। पुलिस इस लेन-देन की भी जांच कर रही है और मामले में मनी लॉन्ड्रिंग के पहलू को भी खंगाला जा रहा है। एसपी ने बताया कि पिछले करीब तीन साल से ‘मुल्ला बारूद’ नाम का व्यक्ति इस कारोबार से जुड़ा होने की जानकारी मिली है। उससे जुड़े अन्य लोगों की तलाश की जा रही है। तमिलनाडु और महाराष्ट्र से आता था कच्चा माल एसपी के मुताबिक, पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि विस्फोटक बनाने का कच्चा माल तमिलनाडु और महाराष्ट्र से खरीदा जाता था। पुलिस अब खरीद, सप्लाई और पैसों के लेन-देन से जुड़े लोगों की जानकारी जुटा रही है। एसपी ने बताया कि उनके सीयूजी नंबर पर सूचना मिली थी कि बिना बिल और जीएसटी के विस्फोटक सामग्री खरीदी जा रही है। सूचना की जांच के बाद फैक्ट्री पर कार्रवाई की गई। पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।
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