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पुष्कर में कांग्रेस की बाड़ेबंदी में पार्षदों से मिले गहलोत:6 घंटे साथ रहे, सब से वन-टू-वन संवाद किया; मेयर बनाने के लिए 7 पार्षदों की है कमी
पुष्कर में जोधपुर नगर निगम के मेयर चुनाव से पहले कांग्रेस पार्षदों की बाड़ाबंदी जारी है। इसी बीच पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत बुधवार को पुष्कर पहुंचे और होटल चौहान शेरेटन में करीब छह घंटे तक रुके। इस दौरान उन्होंने जोधपुर के नवनिर्वाचित कांग्रेस पार्षदों से मुलाकात की और चुनाव को लेकर बातचीत की। पार्षदों की बाड़ाबंदी के दौरान का एक वीडियो भी सामने आया है। इसमें अशोक गहलोत होटल के अंदर जोधपुर के कांग्रेस पार्षदों के साथ बातचीत करते नजर आ रहे हैं। हालांकि बैठक में किन मुद्दों पर चर्चा हुई और मेयर चुनाव को लेकर क्या रणनीति बनाई गई, इसकी आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। पुष्कर में अशोक गहलोत के साथ अजमेर जिला कांग्रेस अध्यक्ष डॉ. राजकुमार जयपाल और पूर्व आरटीडीसी अध्यक्ष धर्मेंद्र राठौड़ भी मौजूद रहे। गहलोत ने होटल में कांग्रेस पार्षदों के साथ बातचीत की। मेयर चुनाव से पहले पार्षदों की एकजुटता और चुनावी रणनीति को लेकर यह मुलाकात अहम मानी जा रही है। करीब छह घंटे पुष्कर में रुकने के बाद गहलोत जयपुर के लिए रवाना हो गए। होटल से निकलते समय मीडियाकर्मियों ने उनसे जोधपुर मेयर चुनाव और कांग्रेस पार्षदों की बाड़ाबंदी को लेकर सवाल पूछने की कोशिश की। हालांकि गहलोत ने मीडिया से बातचीत नहीं की और सीधे जयपुर के लिए रवाना हो गए। पूर्व सीएम का गृह क्षेत्र है जोधपुर जोधपुर अशोक गहलोत का गृह क्षेत्र है। इसलिए मेयर चुनाव को उनकी प्रतिष्ठा से भी जोड़ा जा रहा है। पार्षदों से उनकी मुलाकात को पार्टी में एकजुटता बनाए रखने, पार्षदों की राय जानने और मेयर चुनाव की रणनीति बनाने से जोड़कर देखा जा रहा है। पुष्कर में चल रही इस सियासी हलचल ने स्थानीय राजनीति में भी गर्मी बढ़ा दी है। होटल के अंदर कांग्रेस अपनी रणनीति बना रही है। वहीं, जोधपुर में भाजपा भी बहुमत के लिए कोशिश कर रही है। 51 वोट पर तय होगा बहुमत जोधपुर नगर निगम में कुल 100 सदस्य हैं। इनमें भाजपा के 45, कांग्रेस के 44, निर्दलीय 10 और आरएलपी का एक पार्षद शामिल है। मेयर चुनाव में बहुमत के लिए 51 मतों की जरूरत होगी। ऐसे में कांग्रेस के 44 पार्षदों के अलावा निर्दलीय और आरएलपी पार्षदों के रुख पर भी चुनावी समीकरण निर्भर करेगा। ऐसे में कांग्रेस को बहुमत के लिए सात और पार्षदों का समर्थन चाहिए। वहीं, भाजपा को छह और पार्षदों का समर्थन जुटाना होगा। किसी भी दल को साफ बहुमत नहीं मिलने से निर्दलीय और आरएलपी पार्षदों की भूमिका अहम हो गई है। दोनों बड़ी पार्टियों की नजर इन्हीं 11 पार्षदों पर है। 25 सितंबर को होगा मेयर का चुनाव जोधपुर में 25 सितंबर को मेयर पद के लिए चुनाव होगा। इससे पहले कांग्रेस अपने पार्षदों को एकजुट रखने और बोर्ड के लिए जरूरी समर्थन जुटाने में लगी है। गहलोत की बातचीत में किन बातों पर चर्चा हुई, इसकी कोई जानकारी सामने नहीं आई है। री-पोलिंग की वजह से देरी से हो रहे हैं मेयर चुनाव 14 सितंबर कों काउंटिंग के दौरान वार्ड 50 के 338 बूथ की ईवीएम खराब हो गई थी। इस दौरान रिजल्ट भी काफी देर तक रोका गया। आखिर में यहां दोबारा मतदान कराने का निर्णय लिया गया। 16 सितंबर को दोबारा मतदान किया गया। इसके बाद नगर निगम में मेयर-डिप्टी मेयर के चुनाव भी कैंसिल कर दिए गए थे। पहले ये चुनाव और 21 और 22 सितंबर को शेड्यूल थे।
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