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पूर्व महापौर के पति पर भाजपा कार्यकर्ता ने लगाए आरोप:बोले- घर पर बुलडोजर भेजे गए, परिवार को डराने की कोशिश की गई
खुद को भाजपा कार्यकर्ता और आरएसएस स्वयं सेवक बताने वाले बद्री सिंह राजावत ने पूर्व महापौर सौम्या गुर्जर के पति राजाराम गुर्जर पर गंभीर आरोप लगाए हैं। राजावत ने कहा कि जमीन विवाद को लेकर मुझे और मेरे परिवार को लगातार परेशान किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि मेरी जमीन पर सड़क बना दी गई। खंभे लगा दिए गए। सवाल उठाए तो मेरे घर पर बुलडोजर भेजे गए। परिवार को डराने-धमकाने की कोशिश की गई। नाबालिग बच्चों के सामने अपशब्द कहे गए और घर की महिलाओं के खिलाफ भी अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया गया। राजावत ने कहा - यह मामला मेरी निजी जमीन से जुड़ा है। मेरी जमीन पर किसी तीसरे व्यक्ति ने सड़क बनाई है। अगर मेरी निजी जमीन से जुड़ा मामला है तो इसे सरकार का मामला कैसे बताया जा रहा है। इस पूरे मामले में प्रशासन की भूमिका भी सवालों के घेरे में है। बद्री सिंह राजावत ने रविवार को कनकपुरा स्थित एक रिसॉर्ट में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर आरोप लगाए। इस दौरान कांग्रेस नेता राजेंद्र सिंह गुढ़ा भी मौजूद रहे। वहीं, इस मामले पर पूर्व महापौर सौम्या गुर्जर के पति का कहना है कि मेरा इस मामले से कोई लेना-देना नहीं है। बद्री सिंह राजावत ने कहा - राजाराम गुर्जर , संदीप बक्शी और प्रभावशाली नेताओं ने चार दिन पहले रातों रात मेरी जमीन पर सड़क और खंबे लगा दिए। पता चला कि इसमें जेडीए का कोई लेना देना नहीं है। जेडीए के अधिकारियों के साथ मिलकर मेरे और मेरे पूरे परिवार के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करवाई। धमकी दिलवाई की मेरे और मेरे दादा के 6 भाइयों के घरों पर बुलडोजर चलवाकर करवाई करवाएंगे। लेकिन हमने यह कहा कि हम न्याय की लड़ाई लड़ेंगे चाहे बुलडोजर से आप हमारा घर ही क्यों ना तोड़ दो। चाहे इसके लिए मेरे परिवार को कुछ भी करना पड़े हम किसी के सामने झुकेंगे नहीं। मुझे थाने से फोन करके बुलाया गया। मुझे थाने के एसएचओ और हमने इस मामले में केंद्रीय पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत से भी बात की तो उन्होंने हमसे कहा कि आपके साथ अन्याय नहीं होने देंगे। यह जमीन मेरे दादा और उनके 6 भाइयों की है। कुल तीन बीघा जमीन थी। क्या है पूरा मामला बद्री सिंह राजावत ने कहा - मेरी जमीन से जुड़े विवाद में साल 2019 में जेडीए के खिलाफ कोर्ट से स्टे लिया गया था और सड़क का काम रुकवाया गया था। इसके बावजूद साल 2026 में उसी जगह दोबारा सड़क बनाई गई। मैं चाहता हूं कि इसकी जांच हो कि सड़क किसकी अनुमति से बनाई गई और जेडीए के रिकॉर्ड में इसका क्या उल्लेख है। उन्होंने कहा - मेरे पास साल 2016 से 2025 तक के गूगल मैप्स के दस्तावेज हैं। इनमें संबंधित जगह पर सड़क दिखाई नहीं देती। इसके अलावा मेरे पास स्मोरल रिपोर्ट, एफएसएल रिपोर्ट और जमीन से जुड़े दूसरे दस्तावेज भी हैं। इन सभी दस्तावेजों की जांच से पूरी स्थिति साफ हो सकती है। सड़क की कथित तोड़फोड़ के मामले में मुकदमा राजावत ने कहा -जिस सड़क के निर्माण पर मैं सवाल उठा रहा हूं, उसी सड़क की कथित तोड़फोड़ के मामले में मेरे और मेरे परिवार के सदस्यों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया। अगर जमीन और सड़क का विवाद है तो इसकी जांच दस्तावेजों और मौके की स्थिति के आधार पर होनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया - मैं कानूनी प्रक्रिया के तहत पेश हुआ, इसके बाद भी मेरे खिलाफ दूसरा मुकदमा दर्ज किया गया। मुझे फरार बताया गया। जब मैं खुद कानूनी प्रक्रिया के तहत पेश हो चुका था तो मुझे फरार बताने की जरूरत क्यों पड़ी, इसकी भी जांच होनी चाहिए। ‘भाजपा कार्यकर्ता और आरएसएस स्वयंसेवक हूं, फिर भी ऐसा हो रहा है’ राजावत ने कहा- मैं भाजपा कार्यकर्ता और आरएसएस का स्वयं सेवक हूं। इसके बावजूद जयपुर में मेरे परिवार के साथ इस तरीके का व्यवहार हो सकता है तो आम आदमी की क्या स्थिति होगी। अगर एक आम आदमी के साथ ऐसा होता है तो वह अपनी बात कहां रखेगा। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। राजावत ने कहा- जमीन के दस्तावेज, जेडीए रिकॉर्ड, साल 2019 का कोर्ट आदेश, साल 2016 से 2025 तक के गूगल मैप्स दस्तावेज और साल 2026 में सड़क निर्माण से जुड़े रिकॉर्ड की जांच की जानी चाहिए। जयपुर कमिश्नरेट घेरने की चेतावनी इस पूरे मामले पर राजपूत समाज के लोग एकजुट हो गए हैं। राजपूत महासभा के नेता प्रतिपक्ष बद्री सिंह राजावत के समर्थन में 20 अगस्त को जयपुर कमिश्नरेट का घेराव करने पहुंचेंगे। समाज के लोगों ने कहा है की सबसे पहले शहीद स्मारक पर सुबह 11:00 बजे पूरे राजस्थान से लोग इकट्ठे होंगे। उसके बाद हजारों की संख्या में लोग कमिश्नरेट का घेराव करेंगे।
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