पेपर लीक के बाद NTA में बदलाव, CISF से AI मॉनिटरिंग तक बढ़ी सुरक्षा
NTA में परीक्षा व्यवस्था को लेकर बड़े स्तर पर बदलाव किए जा रहे हैं. पेपर लीक के आरोपों और नीट यूजी परीक्षा से जुड़े विवादों के बाद एजेंसी की परीक्षा प्रणाली, सुरक्षा और कामकाज के तरीके पर सवाल उठे थे. अब एनटीए अपने ढांचे से लेकर कर्मचारियों की नियुक्तियों, परीक्षा संचालन और सुरक्षा व्यवस्था तक कई बदलाव कर रहा है. सुप्रीम कोर्ट में दाखिल हालिया हलफनामे में इन सुधारों की मौजूदा स्थिति की जानकारी दी गई है. इन बदलाव के तहत NTA एग्जाम स्पेसिफिक यूनिट्स की जगह फंक्शनल वर्टिकल स्ट्रक्चर की ओर बढ़ रहा है. वहीं दिल्ली के मिंटो रोड स्थित नए सरकारी परिसर में गोपनीय कामकाज को शिफ्ट किया गया है, जहां 39 सीआईएसएफ जवान सुरक्षा संभाल रहे हैं. वहीं परीक्षा केंद्रों पर एआई आधारित निगरानी समेत कई तकनीक उपायों का भी इस्तेमाल किया जा रहा है.
NTA में पहले कर्मचारी और अधिकारियों को अलग-अलग परीक्षाओं के हिसाब से यूनिट में बांटा जाता था. अब इस व्यवस्था को बदलकर काम और विशेषज्ञता के आधार पर फंक्शनल वर्टिकल तैयार किए जा रहे हैं. इसका मकसद एजेंसी के अलग-अलग कामकाजी क्षेत्र में डोमेन स्पेसिफिक विशेषज्ञता विकसित करना है. इसके साथ ही एनटीए के वरिष्ठ नेतृत्व में भी बदलाव किए जा रहे हैं. डायरेक्टर जनरल के पद को जॉइंट सेक्रेटरी स्तर से बढ़ा कर एडिशनल सेक्रेटरी स्तर तक करने का प्रस्ताव सरकार के विचार अधीन है. इसके अलावा पांच नए जॉइंट सेक्रेटरी स्तर के पद बनाने का भी प्रस्ताव है.
अलग-अलग सेवाओं के अधिकारी NTA में
NTA में बदलाव के साथ अधिकारियों की नियुक्ति भी की जा रही है. मई 2026 में सेंट्रल स्टाफिंग स्कीम के तहत दो जॉइंट डायरेक्टर एनटीए में तैनात किए गए थे. अगस्त में 14 अधिकारी एजेंसी से जुड़े. इनमें ज्वाइंट सेक्रेटरी से लेकर असिस्टेंट सेक्शन ऑफिसर तक के अधिकारी शामिल है. इन अधिकारियों में आईएएस, आईपीएस, आईआरएस और इंडियन स्टैटिस्टिकल सर्विस समेत अलग-अलग सरकारी सेवाओं से आने वाले अधिकारी शामिल है. इसके अलावा सिक्योरिटी ऑफिसर, एचआर, असेसमेंट आर एंड डी, टेस्ट सेंटर, कैंडिडेट एक्सपीरियंस, इन्फॉर्मेशन सिक्योरिटी, टेस्ट सिक्योरिटी और विजिलेंस जैसे क्षेत्रों के डोमेन एक्सपर्ट्स की भी भर्ती की जा रही है.
मिंटो रोड के नए ऑफिस में कामकाज
एनटीए के गोपनीय परीक्षा संचालन से जुड़े काम को दिल्ली के मिंटो रोड स्थित गवर्नमेंट ऑफ इंडिया प्रेस बिल्डिंग में शिफ्ट किया गया है. हेल्पलाइन के अनुसार एजेंसी को 5वीं मंजिल के साथ चौथी और छठी मंजिल के कुछ हिस्सों में कुल 55,524.53 वर्ग फुट की जगह दी गई है. इस परिसर में गोपनीय क्षेत्र की सुरक्षा को मजबूत करने के लिए व्यापक सुरक्षा प्रोटोकॉल तैयार किया जा रहा है.
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39 CISF जवान की तैनाती
गृह मंत्रालय के आदेश के बाद नए परिसर में 39 CISF जवानों की तैनाती की गई है. इनकी जिम्मेदारी गोपनीय क्षेत्र में आने जाने वालों की स्क्रीनिंग और एक्सेस कंट्रोल की है. ऑफिस में प्रवेश और एग्जिट प्वाइंट पर एक्स-रे बैगेज, स्क्रीनिंग और डोर फ्रेम मेटल डिटेक्टर के जरिए जांच की जाएगी. यानी संवेदनशील परीक्षा संबंधी काम वाले हिस्से में पहुंच को पहले के मुकाबले ज्यादा नियंत्रित किया गया है.
प्रश्न पत्र से रिजल्ट तक SOP में बदलाव
एनटीए ने परीक्षा प्रक्रिया के अलग-अलग चरणों के लिए नई स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर भी तैयार किए हैं. इनमें प्रश्न पत्र तैयार करने, ट्रांसलेशन, प्रिंटिंग, पैकिंग, ट्रैकिंग और मोमेंट से लेकर परीक्षा केंद्र की सुरक्षा परीक्षा के दिन ट्रंक खोलने और रिजल्ट तैयार करने तक की प्रक्रिया शामिल है. इसके साथ ही आधार आधारित बायोमैट्रिक ऑथेंटिकेशन, फेस ऑथेंटिकेशन, मल्टी लेयर रिस्किंग, मोबाइल गेमर, सीसीटीवी मॉनिटरिंग और एआई आधारित टूल्स जैसे उपायों का भी इस्तेमाल किया जा रहा है.परीक्षा में निगरानी के लिए पांच स्तर वाली ओवर साइट व्यवस्था का भी प्रावधान है.
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