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नींद का दर्पण: जब उतर जाते हैं सारे मुखौटे और सामने आता है सच्चा इंसान | दुनिया मेरे आगे
Dunia Mere Aage: नींद इंसान का सबसे ईमानदार क्षण है, जहाँ पद, अहंकार और मुखौटे उतर जाते हैं। यह प्रकृति का परम लोकतंत्र है। असली सुकून धन से नहीं, बल्कि छल-कपट से मुक्त अंतरात्मा और आंतरिक संतोष से मिलता है। पढ़ें रामानुज पाठक का लेख...
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