crime
नर्मदापुरम में बिना सूचना 2 से 4 घंटे बिजली गुल:सरकारी दफ्तरों में अंधेरा, मोबाइल टॉर्च के उजाले में कर्मचारी करते रहे काम
नर्मदापुरम में मंगलवार को अघोषित बिजली कटौती से आम लोगों के साथ सरकारी कामकाज भी प्रभावित रहा। सर्किट हाउस, सदर बाजार, मालाखेड़ी रोड, कलेक्टर बंगला समेत कई इलाकों में 2 से 4 घंटे तक बिजली गुल रही। बिना सूचना बिजली बंद होने से लोग परेशान रहे। सर्किट हाउस के पास नागरिक आपूर्ति निगम और जिला विपणन अधिकारी कार्यालय में सबसे ज्यादा परेशानी रही। बिजली नहीं होने से दफ्तरों में अंधेरा रहा। पंखे बंद रहे और कर्मचारी-अधिकारी परेशान होते रहे। कर्मचारियों के अनुसार, बिजली नहीं होने से करीब 90% काम प्रभावित हुआ। अधिकांश काम कंप्यूटर, प्रिंटर और ई-ऑफिस पर निर्भर है। बिजली बंद होने से कंप्यूटर शुरू नहीं हो सके। कुछ कर्मचारी मोबाइल की टॉर्च की रोशनी में फाइलें देखते और दस्तावेज तैयार करते नजर आए। नागरिक आपूर्ति निगम के जिला प्रबंधक सुरेश सनखेरे ने भी बिजली गुल रहने के दौरान अपने चैंबर में मीटिंग की। देखें तस्वीरें.... सुबह 11 बजे से बंद हुई बिजली जिला विपणन विभाग के कर्मचारियों ने बताया कि सुबह 11 बजे से बिजली बंद थी। कंप्यूटर नहीं चल सके और काम रुक गया। कुछ कर्मचारी टॉर्च की रोशनी में दस्तावेज तैयार करते दिखे। इसी क्षेत्र में चल रहे कुछ निजी कोचिंग संस्थानों में भी बिजली कटौती का असर पड़ा। बच्चों को बिना पंखे और लाइट के पढ़ाई करनी पड़ी। मालाखेड़ी रोड की 15 से ज्यादा कॉलोनियां प्रभावित कलेक्टर बंगला और मालाखेड़ी रोड क्षेत्र में सुबह 10:30 बजे से दोपहर 2 बजे तक बिजली कटौती हुई। इससे मालाखेड़ी रोड क्षेत्र की 15 से ज्यादा कॉलोनियां प्रभावित हुईं। इससे एक दिन पहले 17 अगस्त को भी सुबह 10 बजे से दोपहर 1 बजे तक बिजली बंद रही थी। इस दौरान मालाखेड़ी, नर्मदा टाउन, हाउसिंग बोर्ड और आईटीआई क्षेत्र की बिजली सप्लाई प्रभावित हुई थी। 18 अगस्त की कटौती को लेकर कोई सूचना जारी नहीं की गई थी। जबकि 17 अगस्त की कटौती की सूचना 16 अगस्त को जारी की गई थी। बिजली कंपनी ने बताया- केबल बदलने का काम चल रहा बिजली कंपनी के डीजीएम प्रतीक साहू ने बताया कि सदर बाजार क्षेत्र में केबल बदलने का काम चल रहा है। इसके लिए 2-3 ट्रांसफार्मरों की सप्लाई बंद रहती है। उन्होंने कहा कि बड़े फीडर बंद होने पर सूचना जारी की जाती है। अघोषित कटौती से लोगों में नाराजगी नागरिकों का कहना है कि गर्मी और उमस में बिजली बंद होने से घर और दफ्तर दोनों जगह परेशानी हो रही है। बार-बार बिजली कटौती से कारोबार भी प्रभावित हो रहा है। लोगों ने मांग की है कि मेंटेनेंस के लिए बिजली बंद करने से पहले सूचना दी जाए। साथ ही कटौती का समय भी पहले से तय किया जाए।
Read full article on Bhaskar