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नामांकन खारिज होने के बावजूद सरपंच का चुनाव जीता:गडरारोड पंचायत का मामला, एसडीएम-आरओ पर कार्रवाई की मांग
बाड़मेर की गडरारोड ग्राम पंचायत में नामांकन खारिज होने के बावजूद एक प्रत्याशी के सरपंच का चुनाव जीतने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशी और ग्रामीणों ने राज्य निर्वाचन आयुक्त से मुलाकात कर रिटर्निंग अधिकारी (आरओ) और गडरारोड एसडीएम के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों का आरोप है कि नामांकन खारिज करने के बाद दोपहर 3 बजे उसे दोबारा सही कर दिया गया। इसके लिए एसडीएम पर रिटर्निंग अधिकारी पर दबाव बनाने का आरोप लगाया गया है। वहीं, राज्य निर्वाचन आयुक्त ने मामले में जिला निर्वाचन अधिकारी से रिपोर्ट मांगी है। दरअसल, जिले की गडरारोड पंचायत समिति में 23 अक्टूबर को सरपंच पद के लिए नामांकन प्रक्रिया हुई थी। गडरारोड ग्राम पंचायत में कुल 21 नामांकन पत्र दाखिल किए गए थे। इनमें से दो नामांकन खारिज कर दिए गए, जबकि 9 प्रत्याशियों ने नाम वापस ले लिए। इस तरह चुनाव मैदान में 10 प्रत्याशी रह गए थे। नामांकन खारिज करने की सूची में था पूराराम का नाम नामांकन प्रक्रिया के दौरान पूराराम पुत्र दयाराम और कपिल पुत्र मोहनलाल के नामांकन पत्र खारिज कर दिए गए थे। खारिज नामांकनों की सूची भी बाहर चस्पा की गई थी। इसमें पूराराम का नामांकन खारिज करने का कारण परिशिष्ट 6डी/उपबंध 18 में उल्लिखित जानकारी का अपूर्ण होना बताया गया था। सरपंच प्रत्याशी जगदीश चंद्र ने आरोप लगाया कि पूराराम का नामांकन खारिज होने के बावजूद एसडीएम सुरेश कुमार के दबाव में रिटर्निंग अधिकारी ने दोपहर 3 बजे उसे सही करवाकर वैध कर दिया। इसके बाद पूराराम चुनाव जीतकर सरपंच बन गया। इसी घटनाक्रम को लेकर ग्रामीणों ने सवाल उठाते हुए कार्रवाई की मांग की है। निर्वाचन आयुक्त ने जिला निर्वाचन अधिकारी से मांगी रिपोर्ट राज्य निर्वाचन आयुक्त राजेश्वर सिंह ने बताया- गडरारोड सरपंच चुनाव के मामले में जिला निर्वाचन अधिकारी से रिपोर्ट मांगी गई है। उन्होंने कहा कि नामांकन पत्र स्वीकार या खारिज करने का अधिकार रिटर्निंग अधिकारी के पास होता है और यह अर्द्धन्यायिक प्रक्रिया है। इसमें किसी को हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए। आयुक्त के अनुसार, यदि रिटर्निंग अधिकारी के फैसले में कोई गलती है तो संबंधित पक्ष चुनाव याचिका के माध्यम से न्यायालय में जा सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि नामांकन पत्र छोटे और सामान्य आधारों पर खारिज किया गया था। जानकारी मिलने पर एसडीएम ने हस्तक्षेप किया और खारिज नामांकन को वैध कर दिया। इसके बाद संबंधित प्रत्याशी चुनाव जीत गया। राज्य निर्वाचन आयुक्त ने कहा कि आयोग के स्पष्ट निर्देश हैं कि सामान्य और उपेक्षणीय कमियों के आधार पर नामांकन पत्र खारिज नहीं किए जाने चाहिए। फिलहाल जिला निर्वाचन अधिकारी की रिपोर्ट के बाद मामले में स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।
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