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मथुरा की 200 बेटियां जवानों को राखी बांधने बॉर्डर पहुंची:अटारी-अखनूर में सैनिकों को खिलाए पेड़े, बोलीं- कलाई सूनी नहीं रहने देंगे
मथुरा में साध्वी ऋतम्भरा के वात्सल्य ग्राम की 200 बेटियां रक्षाबंधन पर देश की सीमाओं तक पहुंचीं। संविद गुरुकुलम सैनिक बालिका स्कूल की छात्राओं ने अटारी और अखनूर बॉर्डर पर तैनात जवानों को राखी बांधी। माथे पर तिलक लगाया और मथुरा के प्रसिद्ध पेड़े खिलाए। बेटियों ने कहा- ये जवान हर मौसम में सीमा पर खड़े रहकर देश की रक्षा करते हैं। रक्षाबंधन पर इनकी कलाई सूनी कैसे रहने देते। 100-100 बेटियों के दो दल बॉर्डर पहुंचे राष्ट्र सुरक्षा सूत्र समर्पण यात्रा के तहत संविद गुरुकुलम सैनिक बालिका स्कूल की 200 छात्राएं 20 अध्यापिकाओं के साथ अटारी और अखनूर बॉर्डर पहुंचीं। छात्राओं को दो दलों में बांटा गया। 100 बेटियों का दल श्रीमती पूनम और जेपी पाठक के नेतृत्व में अखनूर, जम्मू-कश्मीर पहुंचा। वहीं 100 बेटियों का दूसरा दल सुमित जायसवाल के नेतृत्व में अध्यापिकाओं के साथ अटारी बॉर्डर, पंजाब गया। पहले तिलक किया, फिर बांधी राखी बॉर्डर पर पहुंचीं छात्राओं ने जवानों को तिलक लगाया। इसके बाद उनकी कलाई पर राखी बांधी। बेटियों ने अपने साथ ले जाए मथुरा के पेड़े भी जवानों को खिलाए। राखी बंधवाकर जवानों ने छात्राओं को आशीर्वाद दिया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। इस दौरान सीमा क्षेत्र में भाई-बहन के प्रेम और देशभक्ति का माहौल दिखाई दिया। ‘जवानों की कलाई सूनी नहीं रहने देंगे’ राखी बांधने पहुंचीं छात्राओं ने कहा कि सैनिक सालभर अपने परिवार से दूर रहकर देश की सीमाओं की रक्षा करते हैं। हर मौसम में ड्यूटी पर तैनात रहते हैं। इसलिए रक्षाबंधन पर उन्हें परिवार से दूर होने का अहसास न हो, इसके लिए बेटियां खुद उनके पास पहुंचीं। छात्राओं के वंदे मातरम् और भारत माता की जय के जयघोष से सीमा क्षेत्र गूंज उठा। राष्ट्रपति भवन से वार मेमोरियल तक पहुंचीं बेटियां रक्षाबंधन पर वात्सल्य ग्राम की बेटियों ने देश के अलग-अलग हिस्सों में जवानों और देश के प्रमुख लोगों के साथ भी पर्व मनाया। 70 बेटियों का दल दिल्ली गया। इनमें 6 बेटियां राष्ट्रपति भवन, 5 प्रधानमंत्री आवास और 50 रक्षा मंत्रालय व वॉर मेमोरियल पहुंचीं। इसके अलावा 75 बेटियों का दल मथुरा कैंट पहुंचा, जहां उन्होंने सैनिकों को राखी बांधी। इस तरह रक्षाबंधन पर वात्सल्य ग्राम की बेटियों ने सीमा से लेकर मथुरा कैंट और दिल्ली तक पहुंचकर जवानों और देशसेवा से जुड़े लोगों के साथ पर्व मनाया। साध्वी ऋतम्भरा के आश्रम वात्सल्य ग्राम स्थित संविद गुरुकुलम सैनिक बालिका स्कूल की छात्राएं रक्षाबंधन के अवसर पर देश की सीमाओं की रक्षा करने वाले वीर जवानों की कलाई पर राखी बांधने के लिए बॉर्डर पर गईं। जहां उन्होंने सेना के जवानों को राखी बांधी और उनको मथुरा का प्रसिद्ध पेड़ा खिलाया। इस पल के दौरान पूरा माहौल भाई बहन के इस अटूट प्रेम के पर्व में डूब गया। 200 बेटियां गईं थी सीमाओं पर राष्ट्र सुरक्षा सूत्र समर्पण यात्रा के अंतर्गत समविद् गुरुकुलम बालिका सैनिक स्कूल से 200 बेटियों को 20 अध्यापिकाओं के साथ अटारी एवं अखनूर बार्डर ले जाया गया। बेटियों को दो दलों में विभाजित किया गया है। 100 वेटियां का एक दल अखनूर, जम्मू-कशमीर वार्डर श्रीमती पूनम एवं जेपी पाठक के नेतृत्व तथा दूसरा 100 बेटियों का दल सुमित जयसवाल के नेतृत्व में अनुभवी अध्यापिकाओं के साथ अटारी वार्डर, पंजाब गया। बेटियों ने जवानों को खिलाए पेड़े सीमाओं पर गईं बेटियों ने जवानों को पहले तिलक किया,फिर उनकी कलाई पर राखी बांधी। इसके बाद जवानों को मथुरा का पेड़ा खिलाया। इस दौरान सीमा पर स्थित सैन्य क्षेत्र भाई बहन के इस अटूट प्रेम में डूब गया। जवानों ने बेटियों को आशीर्वाद दिया और उनको सदा खुश रहने की कामना की। राखी बांधने गई बेटियों ने कहा कि यह वीर सैनिक वर्ष भर हर मौसम में रहकर देश की सीमाओं की रक्षा करते हैं। रक्षा बंधन पर इनकी कलाई सुनी न रहे इसके लिए वह यहां आई है। यहां भी गई छात्राएं रक्षा बंधन पर्व पर वात्सल्य ग्राम की बेटियां राष्ट्रपति , प्रधानमंत्री के राखी बांधने दिल्ली भी गईं। 6 राष्ट्रपति भवन, 5 प्रधानमंत्री आवास, 50 रक्षा मन्त्रालय, वार मैमोरियल कुल 70 बेटियाँ दिल्ली गईं। वहीं 75 बेटियों का दल मथुरा कैण्ट के सैनिकों के राखियाँ बाँधेने पहुंचा। बार्डर पर गईं बेटियों का उत्साह देखते बनता था। वन्देमातरम, भारत माता के जयघोष से वातावरण गुंजायमान हो रहा था।
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