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मुख्य चुनाव आयुक्त पर रवि गौतम का विवादित बयान:कहा- एक हत्या माफ हो तो गर्दन काट दूंगा, चुनाव आयोग पर लगाए गंभीर आरोप
मेरठ के ललिता गौतम प्रकरण में जेल जा चुके दलित नेता और अधिवक्ता रवि गौतम का मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर सोशल मीडिया पर कथित तौर पर विवादित और आपत्तिजनक बयान सामने आया है। वायरल वीडियो में रवि गौतम ने ज्ञानेश कुमार पर चुनाव प्रक्रिया में पक्षपात और संवैधानिक पद के दुरुपयोग के गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने यहां तक कहा कि यदि सुप्रीम कोर्ट या राष्ट्रपति एक हत्या माफ कर दें तो वह ज्ञानेश कुमार की गर्दन काट देंगे। उन्होंने ज्ञानेश कुमार को इंडिया गेट पर फांसी दिए जाने की मांग भी की। दैनिक भास्कर वायरल वीडियो की पुष्टि नहीं करता है। एडवोकेट रवि गौतम ने वायरल वीडियो में आरोप लगाया कि ज्ञानेश कुमार ने देश की 150 करोड़ की आवाम का भविष्य काटा, महिलाओं के अधिकार और युवाओं के रोजगार को नुकसान पहुंचाया। उन्होंने दावा किया कि एक राजनीतिक दल को चुनाव में फायदा पहुंचाने के लिए मुख्य चुनाव आयुक्त ने अपने संवैधानिक पद का दुरुपयोग किया और चुनावों में वोट कटवाए। हालांकि, इन आरोपों के समर्थन में रवि गौतम ने वीडियो में कोई दस्तावेज या प्रमाण प्रस्तुत नहीं किया। भाजपा के लोगों को भी भुगतना पड़ा खामियाजा रवि गौतम ने आरोप लगाया कि चुनाव प्रक्रिया में कथित हस्तक्षेप का नुकसान भाजपा के उन नेताओं को भी उठाना पड़ा, जो उनके अनुसार पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के निर्देशों के मुताबिक काम नहीं कर रहे थे। उन्होंने कहा कि चुनाव से पहले नरेंद्र मोदी और अमित शाह की ओर से कभी 400 पार तो कभी 375 पार जैसे बयान दिए जाते थे और यह सब मुख्य चुनाव आयुक्त के इशारे पर होने का दावा किया। राज्यों के चुनाव में बड़ी धांधली का आरोप मेरठ के थप्पड़ कांड से चर्चाओं में आए एडवोकेट रवि गौतम ने उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल सहित कई राज्यों की चुनावी स्थिति के लिए भी ज्ञानेश कुमार को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि यह लोकतंत्र की हत्या है, जो गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है। रवि गौतम ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की। ललिता गौतम प्रकरण से चर्चा में आए रवि गौतम रवि गौतम ललिता गौतम की हत्या के विरोध में हुए प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई के बाद चर्चा में आए थे। जुलाई में मेरठ में प्रदर्शन के दौरान उनके साथ पुलिस वाहन में मारपीट का वीडियो सामने आया था। इसके बाद रवि गौतम समेत कई लोगों की गिरफ्तारी हुई थी और उन्हें जेल भेजा गया था। बाद में रवि गौतम ने पुलिस कार्रवाई के खिलाफ आंदोलन और भूख हड़ताल भी की थी। सितंबर में उनके धरने के दौरान पुलिस द्वारा उन्हें हटाए जाने की खबर सामने आई थी। बयान से फिर विवाद की स्थिति मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार 19 फरवरी, 2025 से पद पर हैं। निर्वाचन आयोग के आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार वह भारत के 26वें मुख्य चुनाव आयुक्त हैं। रवि गौतम के ताजा बयान ने सियासी गलियारों में खलबली मचा दी है। कुछ समय पहले रवि गौतम ने कथित तौर पर दलितों पर हो रहे अत्याचार के खिलाफ कमिश्नरी में अनिश्चितकालीन धरना और फिर आमरण अनशन शुरू किया था लेकिन पुलिस ने आधी रात को बल प्रयोग कर रवि को गाजियाबाद भेज दिया।
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