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मुजफ्फरनगर में सरकारी बाग से शीशम के पेड़ काटे गए:सभासद पर कटवाने का आरोप, DM से शिकायत; 3-4 लाख रुपए कीमत
मुजफ्फरनगर में बिना अनुमति दो हरे-भरे शीशम के पेड़ काटे जाने का मामला सामने आया है। स्थानीय निवासी लाल्ला पुत्र गूगन ने शनिवार दोपहर करीब 3 बजे डीएम को शिकायती पत्र देकर कार्रवाई की मांग की। शिकायतकर्ता ने दोनों पेड़ों की कीमत करीब 3 से 4 लाख रुपए बताते हुए रिपोर्ट दर्ज कराने, कानूनी कार्रवाई करने और पेड़ों की बिक्री से मिली रकम की वसूली की मांग की है। मामला कोतवाली नगर क्षेत्र की काशीराम आवासीय कॉलोनी के पीछे स्थित सरकारी बाग का है। तड़के काटे गए पेड़, जड़ से उखाड़ने का आरोप शिकायतकर्ता के मुताबिक, 4 सितंबर की सुबह करीब 5:30 बजे अंधेरे में सरकारी बाग से दो शीशम के पेड़ों को जड़ से काट दिया गया। शिकायत में पेड़ों की मोटाई करीब 3 से 4 फीट बताई गई है। आरोप है कि पेड़ों को काटने के बाद वहां से ले जाकर बेच दिया गया। शिकायतकर्ता ने दावा किया कि कथित तौर पर सबूत मिटाने के इरादे से पेड़ों को तड़के काटा गया। सभासद पर पेड़ कटवाने का आरोप स्थानीय लोगों ने कृष्णापुरी वार्ड के सभासद योगेश मित्तल पर भी पेड़ कटवाने का आरोप लगाया है। शिकायत में काशीराम कॉलोनी निवासी दिनेश का नाम भी दिया गया है, जिसे सभासद का करीबी बताया गया है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। बिक्री की रकम में मंदिर को 71 हजार देने का दावा शिकायत में आरोप लगाया गया है कि पेड़ों की बिक्री से मिली रकम में से 71 हजार रुपए पास स्थित मंदिर में दिए गए। स्थानीय लोगों ने पेड़ों की कटाई और बिक्री से जुड़ी पूरी रकम का पता लगाकर उसकी वसूली कराने की मांग की है। सभासद बोले- तूफान में टूटे थे पेड़ सभासद योगेश मित्तल ने अपने ऊपर लगाए गए आरोपों को पूरी तरह निराधार बताया है। उनका कहना है कि दोनों पेड़ तूफान में टूटकर गिर गए थे। उन्होंने पेड़ों की कटाई या बिक्री में किसी भी तरह की भूमिका से इनकार किया है। स्थानीय निवासी ने सभासद के दावे पर उठाए सवाल कॉलोनी निवासी गौरव ने सभासद के दावे पर सवाल उठाया है। उनका कहना है कि घटना से दो दिन पहले तक दोनों पेड़ पूरी तरह खड़े और सही स्थिति में थे। गौरव के मुताबिक, इसके बाद तड़के दोनों पेड़ों को कटवा दिया गया। वन विभाग कर रहा मामले की जांच मामला सामने आने के बाद वन विभाग ने जांच शुरू कर दी है। प्रभागीय वन अधिकारी अभिनव राज ने बताया कि प्रकरण की जांच की जा रही है। प्राथमिक जांच में पेड़ों वाली जमीन नगरपालिका की होने की बात सामने आई है। उन्होंने कहा कि जांच पूरी होने के बाद जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ नियमानुसार सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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