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महंगाई से आगे का सवाल
राजीव शुक्ला भारत की अर्थव्यवस्था की तस्वीर आज कई विरोधाभासों को एक साथ सामने रखती है। एक ओर देश की आर्थिक वृद्धि दर मजबूत दिखाई देती है, निवेश और बुनियादी ढांचे पर खर्च बढ़ रहा है और भारत दुनिया की बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में अपनी स्थिति मजबूत कर रहा है। दूसरी ओर आम परिवार के सामने महीने का बजट संभालने, बच्चों की शिक्षा, इलाज, मकान, परिवहन और रोजमर्रा की जरूरतों का खर्च लगातार बड़ी चुनौती बना हुआ है। यही वह बिंदु है जहां विकास की बहस को केवल सकल घरेलू उत्पाद यानी जीडीपी की वृद्धि दर से आगे ले जाने की ...
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