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लखनऊ में दशलक्षण महापर्व शुरू:शहर के मंदिरों में अभिषेक-पूजा, 10 दिन चलेंगे धार्मिक अनुष्ठान
लखनऊ के जैन धर्म के प्रमुख पर्व दशलक्षण महापर्व का बुधवार को उत्तम क्षमा धर्म के साथ शुभारंभ हो गया हैं। शहर के इंद्रानगर, गोमतीनगर और आशियाना सहित अन्य जैन मंदिरों में सुबह भगवान आदिनाथ का अभिषेक और शांतिधारा की गई। इसके बाद उत्तम क्षमा धर्म की विधिवत पूजा-अर्चना हुई। मंदिरों में दिनभर श्रद्धालुओं की आवाजाही रही। दशलक्षण पर्व के दस दिनों में श्रद्धालु पीले और सफेद वस्त्र धारण कर अष्ट द्रव्यों से भगवान की पूजा करेंगे। साथ ही व्रत, उपवास, त्याग और तपस्या के जरिए आत्मशुद्धि का प्रयास करेंगे। पर्व के दौरान प्रतिदिन मंदिरों में अभिषेक, शांतिधारा, पूजा-अर्चना और प्रवचन के कार्यक्रम होंगे। आशियाना जैन मंदिर में विशेष आयोजन आशियाना जैन मंदिर में उपाध्याय 108 विहसंत सागर महाराज के सान्निध्य में उत्तम क्षमा धर्म की पूजा और धार्मिक कार्यक्रम हुए। प्रवचन में उन्होंने कहा कि जहां इच्छा और आशा होती है, वहां निराशा भी होती है। व्यक्ति जब किसी से जरूरत से ज्यादा अपेक्षा करता है और वह पूरी नहीं होती तो क्रोध पैदा होता है। इसलिए अपेक्षाओं को कम कर क्षमा, संयम और सहनशीलता अपनानी चाहिए। उत्तम क्षमा व्यक्ति को क्रोध से दूर कर आत्मशांति की ओर ले जाती है। ग्वालियर-दिल्ली समेत कई शहरों से पहुंचे श्रद्धालु मीडिया प्रभारी सिद्धार्थ जैन ने बताया कि दशलक्षण पर्व मनाने के लिए ग्वालियर, दिल्ली, झांसी समेत विभिन्न स्थानों से करीब 20 से 25 जैन श्रद्धालु पहुंचे हैं। ये श्रद्धालु दसों दिन सफेद वस्त्र धारण कर पूजा-अर्चना, उपवास और तपस्या करेंगे। इस दौरान वे मोबाइल और पारिवारिक संपर्क से भी दूर रहकर धार्मिक साधना में समय देंगे। पर्व के शुभारंभ पर झंडारोहण का सौभाग्य सुमित जैन, याहियागंज को मिला। दीप प्रज्ज्वलन अजय जैन और डॉ. सविता जैन ने किया। वहीं शांतिधारा का सौभाग्य अंकुश जैन, ग्वालियर को प्राप्त हुआ। शहर के सभी जैन मंदिरों में अगले दस दिनों तक विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान और तपस्या के कार्यक्रम होंगे।
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