business
KCC क्लेम पर बैंक ने की ढिलाई, अब मिला हक:उपभोक्ता आयोग ने SBI पर ठोका जुर्माना; आदेश-ब्याज संग लौटाएं क्लेम राशि
जैसलमेर में फसल खराबे के बाद बीमा क्लेम के लिए भटक रहे किसान को कंज्यूमर कोर्ट (उपभोक्ता आयोग) से बड़ी राहत मिली है। आयोग ने स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) की रामगढ़ शाखा की लापरवाही पर कड़ा एक्शन लिया है। किसान को पूरा फसल बीमा क्लेम ब्याज समेत चुकाने का ऑर्डर दिया गया है। मामला केसीसी (KCC) अकाउंट से जुड़ा है। जहां बैंक की गलती से किसान का बीमा प्रीमियम नहीं काटा जा सका। इसके बाद खराब मौसम के कारण फसल 75 परसेंट तक खराब हो गई। लेकिन बीमा न होने से कंपनी ने क्लेम रिजेक्ट कर दिया। आयोग ने बैंक को निर्देश दिया है कि वह किसान को नुकसान का 75 फीसदी क्लेम, 6 परसेंट ब्याज और 15 हजार रुपए हर्जाना दे। क्या है पूरा मामला? रामगढ़ के नगों की ढाणी निवासी किसान भगवान सिंह का एसबीआई रामगढ़ ब्रांच में केसीसी अकाउंट है। नियमों के मुताबिक केसीसी अकाउंट होल्डर्स की फसल का इंश्योरेंस करना और उनके खाते से प्रीमियम ऑटो-डेबिट कर बीमा कंपनी को ट्रांसफर करना बैंक की जिम्मेदारी है। साल 2020 में खराब मौसम के कारण इलाके में रबी की फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई थी। तहसीलदार की रिपोर्ट में भी रामगढ़ एरिया में 50 से 75 परसेंट तक फसल खराबा कन्फर्म हुआ था। जब फसल बर्बाद हुई, तो किसान को पता चला कि बैंक ने उसके अकाउंट से इंश्योरेंस प्रीमियम डिडक्ट ही नहीं किया था। प्रीमियम जमा न होने के कारण इंश्योरेंस कंपनी ने क्लेम प्रोसेस करने से मना कर दिया। इससे परेशान होकर किसान ने कंज्यूमर कोर्ट का रुख किया। बैंक का KYC बहाना हुआ फेल कोर्ट में सुनवाई के दौरान बैंक ने अपना बचाव करते हुए तर्क दिया कि किसान की केवाईसी (KYC) अपडेट नहीं थी, इसलिए प्रीमियम डेबिट नहीं हो सका। हालांकि आयोग के अध्यक्ष पवन कुमार ओझा और सदस्य रमेश कुमार गौड ने बैंक की इस दलील को सिरे से खारिज कर दिया। आयोग ने कहा- जब बैंक ने किसान का केसीसी लोन अप्रूव किया है और अकाउंट रेगुलरली चालू है, तो केवाईसी का बहाना बनाकर बैंक अपनी जिम्मेदारी से भाग नहीं सकता।
Read full article on Bhaskar