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कुशीनगर में POCSO मामले में दोषी को उम्रकैद:1.10 लाख रुपए जुर्माना; पॉक्सो कोर्ट ने कहा- राशि पीड़िता के जीवन सुधार में खर्च होगी
कुशीनगर के कप्तानगंज थाना क्षेत्र से जुड़े POCSO मामले में विशेष अदालत ने दोषी बलजीत सिंह को उम्रकैद की सजा सुनाई है। पॉक्सो एक्ट के विशेष न्यायाधीश आनंद प्रकाश की अदालत ने बुधवार शाम फैसला सुनाया। कोर्ट ने धारा 5/6 POCSO एक्ट के तहत उम्रकैद के साथ एक लाख रुपए का जुर्माना लगाया है। इसके अलावा धारा 351(3) बीएनएस के तहत दोषी को दो साल की साधारण जेल और 10 हजार रुपए जुर्माने की सजा दी गई है। इस तरह दोनों मामलों में कुल 1.10 लाख रुपए का जुर्माना लगाया गया है। अदालत ने निर्देश दिया कि जुर्माने की पूरी राशि पीड़िता या उसके कानूनी प्रतिनिधि को दी जाए, ताकि इसका इस्तेमाल उसके जीवन को बेहतर बनाने में किया जा सके। POCSO एक्ट में उम्रकैद, 1 लाख रुपए जुर्माना विशेष न्यायाधीश आनंद प्रकाश की अदालत ने बलजीत सिंह को धारा 5/6 POCSO एक्ट के तहत दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई। इसके साथ एक लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया गया। अदालत ने फैसले में दोषी को सजा की जानकारी भी दी। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि जुर्माना जमा नहीं करने की स्थिति में दोषी को अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। अदालत ने बलजीत सिंह को बीएनएस की धारा 351(3) के तहत भी सजा सुनाई। इस धारा में उसे दो साल की साधारण जेल और 10 हजार रुपए जुर्माने का आदेश दिया गया है। दोनों धाराओं में लगाए गए जुर्माने की कुल राशि 1.10 लाख रुपए है। कोर्ट ने आदेश दिया कि यह पूरी राशि पीड़िता या उसके कानूनी प्रतिनिधि को दी जाए। इसका इस्तेमाल पीड़िता के जीवन सुधारने के लिए किए जाने का निर्देश दिया गया है। कप्तानगंज थाने में दर्ज हुआ था मुकदमा यह मामला सत्र परीक्षण संख्या 1910/2025 और मुकदमा अपराध संख्या 409/2025 से जुड़ा है। मुकदमा कप्तानगंज थाने में दर्ज किया गया था। मामले की सुनवाई कुशीनगर की विशेष न्यायालय/विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट की अदालत में हुई। दोषी ठहराए जाने और सजा सुनाए जाने के बाद अदालत ने बलजीत सिंह को सजा काटने के लिए जिला कारागार देवरिया भेजने का आदेश दिया है। 30 दिन में इलाहाबाद हाईकोर्ट में अपील का अधिकार फैसला सुनाने के बाद अदालत ने दोषी को बताया कि वह इस निर्णय के खिलाफ 30 दिनों के भीतर इलाहाबाद हाईकोर्ट में अपील कर सकता है। कोर्ट ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 406 के अनुपालन में फैसले की एक प्रति जिला मजिस्ट्रेट, कुशीनगर को भेजने का भी निर्देश दिया है। अदालत के आदेश के बाद दोषी को सजा पूरी करने के लिए जिला कारागार देवरिया भेज दिया गया।
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