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काशी विद्यापीठ में नशा विरोधी अभियान:छात्रों ने किया नुक्कड़ नाटक मंचन, बुरी आदतों से दूर रहने की अपील
वाराणसी में महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के अंग्रेजी एवं अन्य विदेशी भाषा विभाग द्वारा भारत सरकार के "नशा मुक्त भारत अभियान" के अंतर्गत 27 सितंबर को जन-जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों एवं आमजन को नशीले पदार्थों के सेवन से होने वाले दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करना तथा युवाओं को नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करना था। कार्यक्रम के अंतर्गत एम.ए. प्रथम सेमेस्टर एवं एम.ए. तृतीय सेमेस्टर के छात्र-छात्राओं द्वारा क्रमशः "नशा मुक्त भारत" तथा "नशे की लत" विषयों पर प्रभावशाली नुक्कड़ नाटकों का मंचन किया गया। विद्यार्थियों ने अपने अभिनय, संवाद एवं भाव-भंगिमाओं के माध्यम से नशे के व्यक्तिगत, पारिवारिक, सामाजिक एवं शैक्षिक दुष्परिणामों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया। उन्होंने संदेश दिया कि नशे की शुरुआत छोटी आदत से होकर गंभीर लत का रूप ले सकती है और इससे स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार तथा पारिवारिक संबंध प्रभावित होते हैं। कार्यक्रम की संयोजक डॉ. नीरज धनकड़, नोडल अधिकारी डॉ. नवरत्न सिंह तथा सहायक नोडल अधिकारी डॉ. कविता आर्या रहीं। कार्यक्रम के एंबेसडर प्रिंस प्रताप शेरा एवं अंशिका कुशवाहा ने भी जागरूकता अभियान में सक्रिय भूमिका निभाई। कार्यक्रम में विभाग के वरिष्ठ आचार्य प्रो. नलिनी श्याम कामिल सहित डॉ. नीरज कुमार सोनकर, डॉ. रीना चटर्जी, डॉ. कविता आर्या, डॉ. किरन सिंह एवं डॉ. प्रियोदीप हलदार उपस्थित रहे। एम.ए. प्रथम सेमेस्टर से रजत चौरसिया, विनीत सिंह, आनंद कुमार पटेल, शुभम कुमार, फातिमा खानम, प्रियंका महापात्रा, रागिनी सिंह, समीक्षा चौधरी एवं काजल यादव ने प्रतिभाग किया। एम.ए. तृतीय सेमेस्टर से अंशिका कुशवाहा, निधि मिश्रा, श्वेता उपाध्याय, खुशी राय, राज प्रताप, खुशी उपाध्याय, संस्कृत जायसवाल एवं श्रुति सिंह विश्वास आदि ने सहभागिता की। यह कार्यक्रम बहुत ही सार्थक रहा। कार्यक्रम का आयोजन महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ कैंपस के गेट नंबर 1 के बाहर किया गया। कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों ने संदेश दिया कि नशामुक्त समाज के निर्माण के लिए शिक्षा, जागरूकता, परिवार के सहयोग और सकारात्मक जीवनशैली को बढ़ावा देना आवश्यक है।
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