top
कानपुर बनेगा डिफेंस का हब, IIT- HBTU करेंगे तकनीकी मदद:डिफेंस वर्कशॉप में एक्सपर्ट बोले- सिर्फ फैक्ट्रियां लगा देने से काम नहीं चलेगा
कानपुर शहर को डिफेंस का गढ़ बनाने की तैयारी चल रही है। बुधवार को शहर के एक निजी होटल में कानपुर रीजनल डिफेंस वर्कशॉप का आयोजन किया गया। वर्कशाप में यूपी डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर (यूपीडीआईसी) के अगले चरण को लेकर कानपुर में आगे की तैयारी पर गहराई से चर्चा की गई। ऑब्जर्वर रिसर्च फाउंडेशन (ओआरएफ) और प्रदेश सरकार की साझेदारी में आयोजित आयोजित वर्कशॉप में यह बात प्रमुखता से सामने आई कि सिर्फ बड़ी-बड़ी इमारतें या फैक्ट्रियां लगा देने से काम नहीं चलेगा। इस कारिडोर में आईआईटी कानपुर और एचबीटीयू जैसे संस्थान देंगे अपनी रिसर्च, विज्ञान और नई तकनीक का योगदान देंगे। कानपुर में देश का बड़ा रक्षा निर्माण केंद्र बनने की पूरी क्षमता डीएम जितेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि प्रशासन डिफेंस कॉरिडोर को जमीन पर उतारने के लिए लगातार कदम उठा रहा है। उन्होंने कहा कि पूर्व का मैनचेस्टर कहा जाने वाला कानपुर अब देश का बड़ा रक्षा निर्माण केंद्र बनने की पूरी क्षमता रखता है। वहीं, ऑब्जर्वर रिसर्च फाउंडेशन के उपाध्यक्ष प्रोफेसर हर्ष पंत ने कहा कि भारत सरकार अब रक्षा सामान बाहर से मंगाने के बजाय खुद अपने देश में बनाने पर ध्यान दे रही है, और इसमें यूपी के इस रक्षा कॉरिडोर की बहुत बड़ी भूमिका है। हथियार और रक्षा उपकरण का बड़ा केंद्र बनाने की तैयारी सांसद रमेश अवस्थी ने कहा- यह कॉरिडोर उत्तर प्रदेश को हथियार और रक्षा उपकरण बनाने का एक बड़ा केंद्र बनाने की दिशा में काम कर रहा है। सरकार ने आईआईटी कानपुर और बीएचयू जैसे बड़े संस्थानों के साथ हाथ मिलाया है ताकि इस पूरे कॉरिडोर में विज्ञान, रिसर्च और नई तकनीक का इस्तेमाल बढ़ाया जा सके। कानपुर की इस नई पहचान को बनाने के लिए सरकार, उद्योग जगत, रक्षा उत्पादन, शोध संस्थानों, नीति निर्माताओं, आईआईटी कानपुर जैसे बड़े संस्थानों और एमएसएमई के प्रमुख लोगों ने एक साथ बैठकर पूरा खाका तैयार किया है। युवाओं को ट्रेनिंग व हुनर पर देना होगा ध्यान डेटम एडवांस्ड कंपोजिट्स के तन्मय तिवारी ने इस बात पर जोर दिया कि कानपुर में बुनियादी ढांचे को बहुत तेजी से खड़ा करने की जरूरत है और युवाओं को ट्रेनिंग व हुनर देने पर ध्यान देना होगा। आईआईटी कानपुर और बीएचयू जैसी जगहों की रिसर्च का फायदा अब आईटीआई और स्थानीय संस्थानों तक पहुंचेगा। उद्योगों की मदद से मिलने वाली ट्रेनिंग और इंटर्नशिप से न सिर्फ युवाओं को नौकरियां मिलेंगी, बल्कि यूपी के पास रक्षा क्षेत्र के लिए अपनी एक पक्की स्किल्ड वर्कफोर्स भी खड़ी हो जाएगी। लखनऊ में होगा बड़ा डिफेंस कांक्लेव मेक इन इंडिया का दायरा बढ़ाते हुए वर्कशॉप में इस बात पर जोर दिया गया कि अब सिर्फ बाहर से कलपुर्जे लाकर जोड़ने के बजाय अपने देश के भीतर ही डिजाइन, बौद्धिक संपदा (आईपी), सॉफ्टवेयर और अपग्रेड तकनीक विकसित की जाए। कानपुर में पहले से ही मजबूत इंजीनियरिंग और मैन्युफैक्चरिंग का आधार मौजूद है। कानपुर की इस कार्यशाला के बाद अब अगला पड़ाव झांसी की वर्कशॉप और इस साल के अंत में लखनऊ में होने वाला बड़ा डिफेंस कॉन्क्लेव होगा, जहां इन सिफारिशों के आधार पर यूपी को वैश्विक रक्षा पटल पर स्थापित करने की अंतिम नीतियां सामने आएंगी।
Read full article on Bhaskar