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कांग्रेस का दावा-पार्षदों को धमकाकर बनाया जा रहा दबाव:पुखराज पाराशर बोले-भाजपा के पक्ष में मतदान का प्रेशर; हमारे 19 पार्षद एकजुट
जालोर में जन अभियोग निराकरण समिति के पूर्व अध्यक्ष पुखराज पाराशर ने नगर परिषद में कांग्रेस का बोर्ड बनने का दावा किया है। बोले- हमारे 19 पार्षद एकजुट हैं। हमें निर्दलीयों का भी साथ मिल रहा है। इसके साथ ही उन्होंने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए। शुक्रवार को प्रेस वार्ता में पाराशर ने कहा- जालोर की जनता ने कांग्रेस को 19 सीटों पर जीत दिलाई। हम बोर्ड बनाएंगे। कांग्रेस पार्षदों और उनके परिवारों पर भाजपा प्रत्याशी के समर्थन में मतदान करने का दबाव बनाया जा रहा है। पार्षदों के घरों के बाहर रेकी करने, फोन कर धमकाने और पैसों का प्रलोभन देने की शिकायतें सामने आई हैं। कांग्रेस ऐसे मामलों की सूची तैयार कर रही है और संबंधित लोगों के खिलाफ मुकदमे दर्ज करवाए जाएंगे। आहोर जाते समय कुछ गाड़ियों ने हमारा पीछा किया, हमने उनकी पहचान कर ली है। अधिकारियों पर दबाव में काम करने का आरोप पाराशर ने प्रशासनिक अधिकारियों और कर्मचारियों पर भाजपा के दबाव में काम करने का आरोप लगाया। निष्पक्ष भूमिका निभाने की मांग की। उन्होंने कहा- जालोर में इस तरह की राजनीतिक परंपरा कभी नहीं रही। मुख्यमंत्री कार्यालय से एक आईएएस अधिकारी की ड्यूटी लगाकर पार्षदों को प्रभावित करने का आरोप भी लगाया। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई। उन्होंने वार्ड-33 के राजेंद्र नगर मतदान केंद्र पर 9 सितंबर को कांग्रेस प्रत्याशी पवन दवे के साथ हुई घटना का उल्लेख किया। उन्होंने बताया- कांग्रेस कार्यकर्ता ने आरटीआई लगाकर बूथ के अंदर के वीडियो फुटेज मांगे हैं, लेकिन आवेदन वापस लेने का दबाव बनाया जा रहा है। उन्होंने आहोर में कांग्रेस के अध्यक्ष प्रत्याशी से पुलिस और सरकार के दबाव में नामांकन वापस करवाने का आरोप भी लगाया। पुराने नगर परिषद रिकॉर्ड रूम की आग का चर्चा पाराशर ने भाजपा प्रत्याशी जयसिंह की ओर इशारा करते हुए पुराने नगर परिषद रिकॉर्ड रूम अग्निकांड और न्यायालय में चल रहे मामलों का उल्लेख किया। साथ ही मुख्य सचेतक जोगेश्वर गर्ग और भाजपा पदाधिकारियों से प्रत्याशी चयन पर पुनर्विचार करने की अपील की। उन्होंने आमजन से निर्वाचित पार्षदों पर जालोर के विकास और जनहित में निर्णय लेने का नैतिक दबाव बनाने की अपील की। पाराशर ने कहा- लोकतंत्र में जनता का फैसला सर्वोपरि है और सभी दलों को इसे स्वीकार करना चाहिए। कांग्रेस के आरोपों को लेकर भाजपा और प्रशासन का पक्ष फिलहाल सामने नहीं आया है।
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